अभियान बसेरा-2: 497 भूमिहीन परिवारों को मिला नया बसेरा, मंत्री,विधायक और अधिकारी ने बांटे जमीन के पर्चे

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

बिहार सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना ‘अभियान बसेरा-2’ के तहत दरभंगा के 497 भूमिहीन परिवारों को जमीन के पर्चे और जमाबंदी वितरित कर उन्हें एक नई पहचान और स्थायी निवास का अधिकार दिया। सुपौल बाज़ार में आयोजित एक भव्य समारोह में, बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने बेनीपुर विधायक विनय चौधरी और अलीनगर विधायक मिश्रीलाल यादव के साथ मिलकर लाभुकों को ये महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपे।

मंत्री संजय सरावगी ने बताया कि यह पहल ‘डॉ. अंबेडकर समग्र विकास अभियान’ का हिस्सा है, जिसके तहत पूरे बिहार में दलित और महादलित टोलों के भूमिहीन परिवारों की पहचान कर उन्हें जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि ‘बसेरा-2’ अभियान के तहत अब तक 53 हजार से अधिक भूमिहीन परिवारों को पर्चे दिए जा चुके हैं, जिससे उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि नवम्बर 2005 से सत्ता में आने के बाद से, एनडीए सरकार ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य में सुधार के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। समेकित बाल विकास परियोजना (ICDS) के माध्यम से छह प्रकार की सेवाएं आंगनवाड़ी केंद्रों द्वारा निरंतर प्रदान की जा रही हैं, जिसमें सेविका और सहायिकाएं अपनी निस्वार्थ सेवाएं दे रही हैं। इस दौरान, बेनीपुर के विधायक विनय चौधरी ने सभी पर्चाधारियों की जमाबंदी जल्द से जल्द कायम करने की मांग की। उन्होंने सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे बिजली, गैस, और पानी की उपलब्धता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की साइकिल योजना की जमकर तारीफ की, जिसने ग्रामीण लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा दिया है।


वहीं,अलीनगर के विधायक मिश्रीलाल यादव ने अपने भाषण में कुछ तीखे सवाल उठाए। उन्होंने मंत्री संजय सरावगी से सीधे अपील करते हुए कहा कि सरकारी जमीनों पर जमींदारों के अवैध कब्जे को हटाया जाए और इन जमीनों को गरीब और भूमिहीन परिवारों को सौंपा जाए। उन्होंने घनश्यामपुर में दलितों के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण में जमीन की कमी का मुद्दा भी उठाया और मंत्री से इस समस्या का जल्द समाधान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ₹26 लाख की लागत से बनने वाला यह भवन दलित समुदाय के लिए बेहद जरूरी है। मौके पर सुजीत कुमार सिंह,अपर समाहर्ता मनोज कुमार, एसडीओ शशांक राज, एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, डीसीएलआर श्रीमती मयंक सिंह,सीओ आदित्य शंकर के अलावा सभी अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी और एनडीए कार्यकर्ता मौजूद थे।