कैमूर के भभुआ विधानसभा क्षेत्र में स्थित सबारगढ़ का पुल गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। 1972 में निर्मित यह पुल रोहतास और कैमूर जिलों को जोड़ता है। पुल की स्थिति इतनी खराब है कि इसके ऊपरी हिस्से में कई जगह सरिया उभर आया है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
पुल की विशेषता यह है कि इसके ऊपर से वाहनों का आवागमन होता है, जबकि निचले हिस्से से सिंचाई के लिए नहर का पानी बहता है। भभुआ के विधायक भारत बिंद ने बताया कि उन्होंने विधानसभा में दो बार इस मुद्दे को उठाया है। इसके बाद सबारगढ़ और शिवपुर में दो नए पुलों की स्वीकृति मिली है। दोनों पुलों का टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
भारी वाहनों का आवागमन जारी
थीलोई के निवासी मनु यादव के अनुसार, पुल के निर्माण के बाद से इसका कोई नवीनीकरण नहीं हुआ है। पुल की खराब स्थिति के बावजूद भारी वाहनों का आवागमन जारी है। लांजी गांव के फैयाज खान ने चिंता जताई कि पुल टूटने से किसानों का आना-जाना बंद हो जाएगा और दोनों जिलों के बीच संपर्क टूट जाएगा।
पुल से गुजरते समय लोगों को लगता है डर
यह पुल भभुआ विधानसभा के विधायक भारत बिंद और रोहतास के चिनारी विधायक मुरारी गौतम के क्षेत्र में आता है। स्थानीय निवासी सत्येंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि सबार गांव के पास स्थित इस पुल से गुजरते समय लोगों को डर लगता है। स्थानीय लोग पुल के जल्द पुनर्निर्माण की मांग कर रहे हैं।
