प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली देने के विरोध में एनडीए द्वारा गुरुवार को बुलाए गए बिहार बंद का असर कटिहार में भी दिखा। सुबह 7 बजे से ही समर्थक मुख्य चौक-चौराहों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। “मां का अपमान नहीं सहेगा बिहार” का नारा लगाते हुए बंद समर्थकों ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद कराया।

चौक-चौराहों पर लगा जाम, दुकानें बंद

जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों और विधानसभा क्षेत्रों में बंद का असर देखा गया। एनडीए समर्थकों ने चौक-चौराहों पर बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया। सभी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर बंद का समर्थन किया।सदर विधायक और पूर्व डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद शहीद चौक पर समर्थकों के साथ पैदल पहुंचे। वहीं, बरारी विधायक विजय सिंह निषाद भी दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए।

5 किलोमीटर लंबा जाम

कटिहार-भागलपुर मुख्य मार्ग पर बंद के दौरान भारी वाहनों का परिचालन ठप हो गया। मिर्चेबाड़ी चौक से लेकर हाजीपुर कोलासी चौक और सिरसा चौक तक करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। ट्रक और बसों की लंबी कतार के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रशासन अलर्ट, नोकझोंक भी हुई

अनहोनी से निपटने के लिए प्रशासन ने सभी चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया था। इसके बावजूद कुछ जगहों पर राहगीरों और बंद समर्थकों के बीच नोकझोंक हुई। शहीद चौक पर एक यूट्यूबर को जाने से रोकने पर जदयू समर्थकों और यूट्यूबर के बीच बहस हो गई। बाद में समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया।

महिलाओं और बच्चों को भी उठानी पड़ी मुश्किलें

बंद के दौरान आमजन को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। खासकर महिलाएं और छोटे बच्चों के साथ चल रहे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। चिलचिलाती धूप में कुछ महिलाएं अपने नवजात बच्चों को गोद में लेकर सड़क पर पैदल जाती हुई नजर आईं।

दरभंगा की घटना के विरोध में बंद

गौरतलब है कि 27 अगस्त को दरभंगा में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान बने स्वागत मंच से पीएम मोदी को गाली दी गई थी। आरोपी मोहम्मद रिजवी को पुलिस ने 28 अगस्त की रात गिरफ्तार कर लिया था। इसके विरोध में एनडीए ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था।