जहानाबाद में बीजेपी बंद के दौरान शिक्षिका से दुर्व्यवहार,शिक्षिका स्कूल जाने के लिये निकली थी घर से।

दस्तक 7मीडिया ,जहानाबाद /

जहानाबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बंदी के दौरान शर्मनाक दृश्य सामने आया। एक शिक्षिका जब अपने स्कूल जाने के लिए निकलीं, तो महिला कार्यकर्ताओं ने उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया। शिक्षिका ने जब ड्यूटी पर जाने की बात कही तो कार्यकर्ताओं ने न केवल उन्हें जाने से रोका, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया।

यह घटना न केवल लोकतांत्रिक विरोध की मर्यादा पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि राजनीतिक आंदोलनों के नाम पर आम नागरिकों को किस तरह प्रताड़ित किया जा रहा है। सवाल यह है कि जब शिक्षिका जैसी जिम्मेदारी निभाने वाली महिला को इस तरह अपमानित किया जा सकता है, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि बंद का विरोध करने वालों को निशाना बनाना आंदोलन की साख और संवेदनशीलता दोनों पर गहरी चोट है। राजनीतिक बंद जनता की आवाज़ को उजागर करने के लिए होते हैं, लेकिन जब यह आंदोलन आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बाधा और अपमान का कारण बनें, तो उनकी वैधता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन और भाजपा नेतृत्व इस घटना पर क्या कदम उठाती हैं। क्या शिक्षिका को न्याय मिलेगा या यह मामला भी राजनीति की भीड़ में दब जाएगा?