प्रेम प्रसंग में कहीं बलात्कार का आरोप तों नहीं ,कुछ ग्रामीण तों यही कहते हे , पति के नजरों के कारण हुई हे प्राथमिकी ,एक गिरफ्तार एक फरार।

दस्तक 7मीडिया ,बिरौल /दरभंगा 

बिरौल थाने में दर्ज एक बलात्कार के मामले में वास्तविक सच्चाई को जान जाएंगे तों आप भी हैरान हो जाएंगे।ग्रामीण सूत्रों के अनुसार मामला प्रेम प्रसंग का था लेकिन पुलिस ने  बलात्कार का मामला दर्ज किया और एक आरोपी को जेल भेज दिया।दूसरे आरोपी की तालाश जारी हे।अगर ईमानदारी पूर्वक इस मामले का अनुसंधान किया जाय तों कहानी कुछ और बयां करने लगेगी लेकिन कानून में महिलाओं को छूट दी गई हे जिसका कभी कभी गलत इस्तेमाल भी हो जाता हे और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठ जाती हे।पुलिस करें भी तों क्या ,आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज करना मजबूरी हो जाता हे ,नहीं तों लोंगों को पुलिस के प्रति असंतोष होने लगता हे।

कई ग्रामीण दबे जुबान से बता रहें हे कि प्रेम प्रसंग का मामला था जिसे बलात्कार का रूप दिया गया , वहां दो आरोपी नहीं एक आरोपी था,दूसरे को फंसाने की साजिश रची गई हे। बस इत्तेफाक हे कि प्रेमी /प्रेमिका चोंच लड़ाने बैठे  ही थे इतने में पति अचानक वहां मौजूद हो गये और राज बाहर आ गया।

ऐसी परिस्थिति में बेचारी प्रेमिका को कोई रास्ता नहीं मिला और पलक झपकते ही पकड़ो ,पकड़ो की आवाज गूंजने लगी  और वह पकड़ा गया। ग्रामीण सूत्र बताते हे कि कुछ महिलाओं ने आरोपी को खदेड़कर पकड़ा ,उसका वीडियो बनाया।इसके बाद थाने में बलात्कार की प्राथमिकी करायी , जिसमें दो लोंगों को आरोपी बनाया गया।पुलिस की मजबूरी ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया ,और न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

ग्रामीणों सूत्रों ने बताया कि इस मामले में पुलिस की अनुसंधान में सच्चाई झलक जाएगी ,वजह कोई भी नौजवान लड़की दरवाजा खोलकर अपने घर में नहीं सो सकती खासकर मिथिलांचल के इलाकों में ,चाहे वह गरीब से गरीब क्यूँ ना हो।रात के अंधेरे में दरवाजा खुला रहना ही एक बड़ा संकेत हे। लेकिन इस पूरे प्रकरण में पुलिस की जांच के बाद ही पर्दा उठेगा कि प्रेम प्रसंग हे या फिर बलात्कार।