प्रधानमंत्री की माता जी के अपमान के विरोध में कल संपूर्ण बिहार बंद, भाजपा ने भरी हुंकार

दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।

देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की माताजी के प्रति कांग्रेस मंच से की गई अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज के विरोध में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कल यानी (दिनांक 4 सितंबर, 2025) को संपूर्ण बिहार बंद का आह्वान किया है। इस बंद का मूलमंत्र “मां का अपमान नहीं सहेंगे” रखा गया है।
इस विरोध प्रदर्शन को लेकर, बुधवार को बिरौल में एक विशेष जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता दरभंगा पूर्वी जिला भाजपा के जिलाध्यक्ष विनय कुमार पासवान ने की। इस दौरान, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद रहे, जिनमें महामंत्री संजय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष श्रवण चौधरी, रामनाथ सहनी, राधे श्याम झा, प्रदीप प्रधान, राहुल कर्ण, पिंटू झा, नीरज कुमार चौधरी, रामू राम, ममता देवी, निभा झा, सुधीर सिंह, रंजीत मिश्र, रजनीश सुंदरम, प्रवीण झा, लाल मुखिया, गंगा प्रसाद यादव, माधव झा, और काली प्रसाद साहू जैसे कई प्रमुख नेता शामिल थे।
विनय कुमार पासवान (जिलाध्यक्ष) कहा कि यह बंद किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि मां के प्रति हमारी आस्था और भारतीय संस्कारों की रक्षा के लिए है। यह बंद भारत की उस सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए है, जहां मां को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है।
संजय सिंह पप्पू सिंह (महामंत्री) ने इस घटना को केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि पूरे देश की संस्कृति और मातृत्व की मर्यादा का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की ऐसी मानसिकता जनता के सामने उजागर हो चुकी है और कल का बिहार बंद इसी का विरोध है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और जनता से शांतिपूर्ण ढंग से इस बंद को सफल बनाने की अपील की।
श्रवण चौधरी (उपाध्यक्ष) ने भी इस अपमान को पूरे देश का अपमान करार दिया। उन्होंने समाज और संगठन दोनों से एकजुट होकर इस बंद में शामिल होने का आह्वान किया और कहा कि जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस बैठक में कल के बिहार बंद की रूपरेखा तैयार की गई। पार्टी के सभी पदाधिकारी और सदस्यों ने इस विरोध कार्यक्रम को पूरी मजबूती के साथ सफल बनाने का संकल्प लिया है। यह बंद शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, जिसका उद्देश्य कांग्रेस नेताओं की निंदनीय टिप्पणी के खिलाफ जनता के आक्रोश को दर्शाना है।
यह बंद भारत की उस महान परंपरा का प्रतीक है, जहां मां को देवी तुल्य माना जाता है। भाजपा का मानना है कि प्रधानमंत्री की माता का अपमान, हर भारतीय की मां का अपमान है, और इस अपमान के खिलाफ हर भारतीय को खड़ा होना चाहिए।