जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा द्वारा मध्यस्थता भवन में नालशा का आशा कार्यक्रम का कार्यान्वयन एवं बाल बिबाह पर रोक के लिए जिला अभिसरण कार्यक्रम का उदघाटन करते प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवगोपाल मिश्रा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा द्वारा मध्यस्थता भवन में नालशा का आशा कार्यक्रम का कार्यान्वयन एवं बाल बिबाह पर रोक के लिए जिला अभिसरण कार्यक्रम का उदघाटन करते प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवगोपाल मिश्रा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा द्वारा मध्यस्थता भवन में नालशा का आशा कार्यक्रम का कार्यान्वयन एवं बाल बिबाह पर रोक के लिए जिला अभिसरण कार्यक्रम का उदघाटन करते प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवगोपाल मिश्रा।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा/विधि संवाददाता,
सिविल कोर्ट दरभंगा के मध्यस्थता भवन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की बैठक हुई। यह बैठक मंगलवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार(नालशा)का आशा योजना और बाल बिबाह पर रोकथाम के लिए हुई। जिला अभिसरण समिति की बैठक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।
जिस कार्यक्रम का उदघाटन प्रधान जिला जज शिव गोपाल मिश्रा,परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्रमोद कुमार,डीएम कौशल कुमार, एस एसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी, प्राधिकार के सचिव आरती कुमारी ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्जवलित कर किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला जज श्री मिश्रा ने कहा कि भारत में” यत्र नार्यस्तु पुजयन्ते,रमन्ते तत्र देवताः”की परंपरा रही है।लेकिन हम नारी को पुरी तरह सम्मान नही दे पाये हैं।रामायण काल या महाभारत काल में भी बाल बिबाह का एक भी दृष्टान्त नही मिलती है।एक बच्चा जो स्वंय शारीरिक,और मानसिक रुप से परिपक्व नही है,वह अपने बच्चों की परिवरिश कैसे कर सकता है।बच्चे समाज और राष्ट्र का भविष्य हैं,जिन्हें सुशिक्षित करना आवश्यक है।जब हम मानसिक रुप से सशक्त होंगे तभी हम अपने जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकते हैं।एक सशक्त माता पिता हीं अपने बच्चों को सक्षम बना सकते हैं।बाल बिबाह एक सामाजिक अभिशाप है।इस पर कारगर रोक के लिए हमें गांवों में जाकर समाज को जागरूक करना होगा।जब तक समाज जागरूक नही होता ,कोई भी कानून कारगर नही हो सकता है।यदि समाज सुशिक्षित और जागरूक होगा, तो किसी कानून की जरुरत नही है।हम सभी संकल्प लें कि हमें अपने समाज को शिक्षित और जागरुक बनाना है,और इस बाल बिबाह जैसी कुरीति को मिटाना है।डीएम कौशल कुमार ने कहा कि सामाजिक जनजागरूकता और कानून की सहायता से हमें बाल बिबाह जैसी कुरीति को मिटाना है।कार्यक्रम को एस एसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी, परिवार अदालत के प्रधान न्यायाधीश प्रमोद कुमार, सचिव आरती कुमारी ने संबोधित किया।संचालन न्यायिक पदाधिकारी आनंद ने किया।मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी,डीपीओ,भारी संख्या में अधिवक्ता और सामाजिक संगठन के लोग मौजूद थे।
मौनिया बाबा मेला सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने विखेरा जलवा,दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की हुई शुरुआत ,कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, आलाधिकारी सहित स्थानीय लोग रहे मौजूद
कुशेश्वरस्थान :सड़क दुर्घटना में बाईक सवार की मौत ,