दरभंगा के अदालत का कड़ा रुख :अदालती आदेश का पालन नहीं करने पर डीएमसीएच के अधीक्षक और एक दूसरे मामले में सिंहबाड़ा थानाध्यक्ष के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी।

दस्तक 7मीडिया दरभंगा/विधि संवाददाता,

प्रभारी सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की कोर्ट ने एक मामले में डीएमसीएच अधीक्षक और दूसरे मामले में सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। काराधीन अभियुक्तों की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए पीड़ित के जख्म प्रतिवेदन की मांग अदालत ने डीएमसीएच अधीक्षक से किया था। न्यायिक आदेश के बाबजूद जख्म जांच प्रतिवेदन नहीं भेजने तथा नहीं भेजे जाने का कारण भी नहीं बताने को कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए डीएमसीएच अधीक्षक के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वहीं कोर्ट ने बेंता थानाध्यक्ष को गिरफ्तारी वारंट भेजकर कार्यान्वयन प्रतिवेदन 28 अगस्त या उससे पहले अदालत में समर्पित करने का आदेश दिया है।शनिवार को बहेड़ी थानाकांड सं. 249/25 के आरोपी की ओर से संस्थित नियमित जमानत याचिका सं.535/25 सूनवाई हेतू सुचीवद्ध था।जिसकी सुनवाई के लिए कोर्ट ने जख्म प्रतिवेदन की मांग किया था।जिसे नहीं भेजे जाने पर कोर्ट ने गत 18 अगस्त को पत्र भेजा था।इसके बाबजूद डीएमसीएच अधीक्षक ने अदालती आदेश का अनुपालन नहीं किया।जख्म प्रतिवेदन की प्रत्याशा में काराधीन पांच आरोपियों की जमानत याचिका गत 1 जूलाई से लंबित है।वहीं दुसरी ओर सिंहवाड़ा थानाकांड सं.133/25 में काराधीन आरोपी की ओर से न्यायालय में दाखिल नियमित जमानत याचिका 538/25 की सूनवाई के लिए न्यायालय द्वारा बारंबार निर्देश के बाबजूद केश डायरी उपस्थापित नही किया गया है।अनुसंधानक द्वारा केश डायरी भेजने की प्रत्याशा में गत 2 जूलाई से जमानत याचिका की सूनवाई लंबित है।कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए इस केश के अनुसंधानक को 10 हजार रुपया का अर्थदंड लगाया है।वहीं सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।जिसका कार्यान्वयन वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा को करना है।कोर्ट ने इस मामले में 1 सितंबर या उससे पहने कांड दैनिकी न्यायालय में समर्पित करने का आदेश प्रभारी सत्र न्यायाधीश श्री दिवाकर की अदालत ने दिया है।