राजस्व महाभियान के दौरान राजस्व कर्मी नहीं जा रहें हें रैयतों के घर ,समाचार पत्रों के माध्यम से बिहार सरकार दे रही हें आमजन को सूचना।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा/विधि संवाददाता,

बिहार सरकार के द्वारा भूमि धारकों के जमाबंदी में सुधार के लिए राजस्व महा – अभियान की सरकारी विज्ञप्ति का अनुपालन नहीं किये जाने का मामला प्रकाश में आई है।प्रतिदिन राजस्व महा – अभियान की सूचना समाचार पत्रों में विज्ञप्ति के माध्यम से आमजनों को दी जा रही है।लेकिन इससे इतर रैयतों के घर कहीं भी किसी भी राजस्वकर्मी के नहीं जाने की शिकायत आम है।विज्ञापन की कण्डिका एक से छः में वर्णित बातें धरातल पर कहीं भी नहीं दिख रही है।इसके तहत रैयतों की जमाबंदी पत्र का वितरण उनके घर जाकर राजस्वकर्मी को करना है।वहीं जमाबंदी की प्रति देने के बाद रैयत का हस्ताक्षर भी लेना है।इसके अतिरिक्त उत्तराधिकार, दाखिल खारिज का फॉर्म,बंटवारा दाखिल खारिज का फॉर्म, जमाबंदी ऑनलाइन कराने का फॉर्म रैयतों को घर पर उपलब्ध कराना है।साथ -साथ उन्हें सलाह भी देना है कि आवेदन तैयार रखें जिसे शिविर में संग्रह की जायेगी।इतनी सुस्पष्ट ब्यवस्था के बाबजूद सरकार के इस महात्वाकांक्षी योजना की हवा निकालने पर राजस्व कर्मियों की टीम अमादा हैं ।सरकार का प्रयास और राजस्वकर्मियों के रुख से आहत बहेड़ी दुबौली के आरटीआई कार्यकर्ता प्रेमनाथ सिंह ने गुरुवार को डीएम दरभंगा को आवेदनपत्र समर्पित कर दोषी राजस्वकर्मी और उनके टीम को चिन्हित कर सरकारी आदेश की अवहेलना के लिए कार्रवाई की मांग किया है।श्री सिंह ने डीएम को समर्पित आवेनदन पत्र में अंकित किया है कि बहेड़ी अंचल के मौजा सिरुआ मनोर,दुबौली, ठाठोपुर,हनुमाननगर अंचल के पटोरी ,कोलहंटा, रुपौली आदि मौजे में इस अभियान के छठे दिन तक धरातल पर कहीं भी इस अभियान के तहत कोई भी कार्य नहीं किया गया है।कहीं भी घर घर जाकर जमाबंदी पत्र आदि रैयतों को नहीं दी जा रही है।जिससे रैयतों में निराशा की स्थिति है। एक भी राजस्व कर्मी रैयत के घर नहीं जा रहे हैं। एकमात्र अखबार के विज्ञापन में ही पढने को मिल रहा है कि राजस्व कर्मी घर घर जाकर जमाबंदी पत्र रैयतों को हस्तगत करायेंगे। विज्ञापन में लिखी सूचना का धरातल पर अनुपालन नहीं हो रहा है।