प्रथम हॉस्पिटल बिरौल ने फिर किया कमाल, सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल मनीष को दी नई जिंदगी।

दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।ं

चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में दरभंगा के प्रथम हॉस्पिटल बिरौल ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता साबित की है। आज अस्पताल से मनीष कुमार यादव नामक एक ऐसे मरीज को सकुशल छुट्टी दी गई, जिसके बचने की उम्मीद परिजनों ने भी छोड़ दी थी। यह उपलब्धि अस्पताल की विशेषज्ञता और समर्पण का एक और प्रमाण है।
दरअसल, 8 अगस्त की रात समस्तीपुर जिला के पिपरा गांव निवासी मनीष कुमार यादव विशनपुर घाट के पास एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आसपास के लोगों ने बिना देर किए उन्हें प्रथम हॉस्पिटल, बिरौल पहुंचाया। मनीष की स्थिति बेहद नाजुक थी। उनके चेहरे और सीने पर कई गंभीर चोटें आई थीं, ब्रेन में खून का रिसाव हो रहा था और पैर की हड्डी भी टूट गई थी। चिकित्सकों के अनुसार, अगर कुछ मिनट की भी देरी होती तो मनीष को बचाना मुश्किल हो जाता।


मनीष का यह केस चिकित्सकों के लिए एक बड़ी चुनौती था। हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सक तुरंत मनीष के इलाज में जुट गए। उनके शरीर में कई जटिल सर्जरी की गईं, जिसमें चेहरे की गहन सर्जरी भी शामिल थी। हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. कामरान ने मीडिया को बताया कि मनीष के चेहरे की सर्जरी करीब पांच घंटे तक चली और इसमें 8 टाइटेनियम प्लेट लगाए गए।
लगभग 12 दिनों की गहन चिकित्सा और अथक प्रयासों के बाद, मनीष को आज पूरी तरह स्वस्थ कर डिस्चार्ज कर दिया गया। मनीष को सकुशल घर लौटते देख उनके परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक उठे। यह प्रथम हॉस्पिटल की पूरी टीम के लिए एक भावुक क्षण था।
इस अवसर पर प्रथम हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. राजेश झा, डॉ. फैजुल हसन और डॉ. इरफान अंसारी ने मनीष के सकुशल घर वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी चिकित्सकों और नर्सिंग टीम को बधाई दी। उन्होंने दोहराया कि प्रथम हॉस्पिटल बिरौल गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
यह घटना प्रथम हॉस्पिटल बिरौल की विशेषज्ञता और मरीजों के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है, जिसने एक असंभव को संभव कर दिखाया है।