भागलपुर शहर से जुड़े एक बड़े वित्तीय विवाद में डेब्ट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) पटना ने अनुभव ट्रेडिंग भागलपुर और उससे संबंधित पक्षों को समन जारी किया है। यह मामला बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से दायर किया गया है, जिसमें लगभग 8 करोड़ 53 लाख रुपए की वसूली की मांग की गई है।
अनुभव ट्रेडिंग के प्रोप्राइटर दिलीप कुमार जायसवाल ने बैंक से लोन लिया था, जिसे तय समय सीमा में पूरा चुकाया नहीं गया। बैंक का कहना है कि बकाया राशि की वसूली के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और इसी क्रम में गुरुवार को उनके आवास पर पोजीशन नोटिस लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
हर महीने लोन का ब्याज जमा करने का दावा
कार्रवाई का दिलीप जायसवाल ने विरोध किया। उनका कहना है कि मामला पहले से कोर्ट में विचाराधीन है, ऐसे में पोजीशन नोटिस लगाना उचित नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि वे हर महीने लोन का ब्याज बैंक में जमा कर रहे हैं और बैंक की यह कार्रवाई उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान करने जैसी है। दिलीप जायसवाल ने कहा “हम बैंक के साथ सहयोग कर रहे हैं। लोन का ब्याज समय पर भरते हैं। फिर भी नोटिस लगाना दबाव बनाने जैसा है।”
पोजीशन नोटिस लगाने पर ग्राहक ने आपत्ति जाहिर की है।
पुलिस भी पहुंची, दोनों पक्षों को थाने बुलाया
घटना की जानकारी मिलने पर बरारी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से थाने में आकर अपना-अपना पक्ष रखने को कहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच हेड ने कहा “ग्राहक की ओर से लिए गए लोन की अदायगी समय पर नहीं हुई है।
बैंक के पास नियमानुसार वसूली की कार्रवाई करने का अधिकार है और डीआरटी के आदेश के बाद नोटिस की प्रक्रिया अपनाई गई।” मामले में आगे की कार्रवाई डेब्ट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल के निर्देशों के आधार पर होगी। इस विवाद के चलते स्थानीय व्यवसायिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
