खेतीबाड़ी . जिले में सावन के बाद भादो मास में भी बारिश से धान के पौधों को मिली संजीवनी।

खेती के लिए मुफीद मौसम सावन का महीना बीत चुका है। सावन के महीने में कैमूर जिले में सावन रुक-रुक कर अच्छी बारिश हुई।

 

इधर,जिले में सावन के बाद भादो मास में बीते मंगलवार और बुधवार को भी रुक-रुक कर अच्छी बारिश हुई। कई इलाके के किसानों और कृषि विशेषज्ञों की मानें तो बारिश से किसानों के खेतों में लगे धान के पौधों को संजीवनी मिलेगी। उधर, जिले के विभिन्न इलाकों में रुक-रुककर हो रही बारिश से खेतों में धान के पौधे लहलहाने लगे हैं।श्रमिक और किसान खेतों में लगी धान की फसल की सोहनी यानी निराई कर पौधों को स्वस्थ रहने के लिए उर्वरक का छिड़काव करने लगे हैं।

 

जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त आंकड़े के मुताबिक,इस साल कैमूर जिले में 1.41 लाख हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित है। जिला कृषि पदाधिकारी विकास कुमार का कहना है कि जिले में निर्धारित लक्ष्य के तहत किसान अपने खेतों में धान की फसल लगा चुके हैं। जिले में शत-प्रतिशत धान की खेतों में रोपनी पूरी हो चुकी है। किसानों का कहना है कि धान की फसल से इस बार बंपर पैदावार की उम्मीद जताई जाती है। असल में, कैमूर जिले को धान का कटोरा कहा जाता है। बारिश की स्थिति पर गौर करें तो कैमूर जिले में अगस्त महीने में अब तक 13 दिनों में 131.22 एमएम बारिश हुई है।

सुवर्ण, दुर्गावती और कर्मनाशा नदी में भरा पानी मंगलवार रात से लेकर बुधवार को हुई बारिश से नगर के पश्चिमी हिस्से में स्थित सुवर्ण नदी का जलस्तर कुछ बढ़ गया है।वहीं कर्मनाशा और दुर्गावती नदी में भी पानी भरा है।दरअसल,बरसात के मौसम में जिले के पहाड़ी प्रखंड अधौरा के अलावा भगवानपुर इलाके में जब बारिश अधिक होती है तब सुवर्ण नदी का जलस्तर बढ़ने लगता है।

 

बरसात में जलस्तर बढ़ने से सुवर्ण नदी अधौरा और भगवानपुर प्रखंड के विभिन्न इलाकों में भारी तबाही मचाती है।हालांकि पिछले दिनों तक नदी के गर्भ में पानी का बहाव कम था,लेकिन माना जा रहा है कि पहाड़ी इलाके में मंगलवार और बुधवार को हुई झमाझम बारिश से नदी के जलस्तर में और बढ़ोत्तरी हो सकती है।हालांकि जिले में बहने वाली सुवर्ण नदी के अलावा दो प्रमुख नदियों दुर्गावती और कर्मनाशा नदी का जलस्तर बहुत ऊपर नहीं आया है,लेकिन पानी पर्याप्त है।

अगस्त माह के 13 दिनों के आंकड़ों में बारिश अधौरा प्रखंड में 131.20 एमएम, भभुआ प्रखंड में 169.40 एमएम, भगवानपुर प्रखंड में 110.80 एमएम, चैनपुर प्रखंड में 161.20 एमएम, चांद प्रखंड में 93.40 एमएम, दुर्गावती प्रखंड में 129.60 एमएम, कुदरा प्रखंड में 174.60 एमएम, मोहनिया प्रखंड में 189.60 एमएम, नुआंव प्रखंड में 69.80 एमएम, रामगढ़ प्रखंड में 101.00 एमएम, रामपुर प्रखंड में 112.80 एमएम, कुल – 1443.40 एमएम बारिश और औसत – 131.22 एमएम बारिश हुई।