गुड़िया हत्याकांड को लेकर उठने लगी हें मांग ,शिवाजी नगर के तत्कालीन थानाध्यक्ष पर भी हो हत्या का मुकदमा ,हत्यारे को जल्द पकड़े पुलिस ,निलंबन और विभागीय कारवाई पर्याप्त नहीं ?
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
समस्तीपुर जिला के शिवाजी नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बघोनी गांव के बगल के गाछी में गुड़िया की हुई हत्या के मामले में थानाध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हें ?सवाल यही कि अगर थानाध्यक्ष ने सपना के आवेदन पर समय रहते कारवाई कर दिया होता तों शायद गुड़िया इस दुनियां में जिंदा रहती।गोली मारने वाला शक्स दोषी तों हें ही लेकिन शिवाजी नगर थाना के थानाध्यक्ष उससे कम दोषी नहीं हें।यह आरोप गुड़िया के घर वाले थानाध्यक्ष पर लगा रहें हें।
हालांकि इस मामले में मिथिला क्षेत्र के डीआईजी के निर्देश पर समस्तीपुर के एसपी ने शिवाजी नगर थानाध्यक्ष छोटे लाल सिंह को निलंबित कर दिया हें ,विभागीय कारवाई भी चलेगी लेकिन मृतक गुड़िया की मां यही कहती हें कि इस घटना का मुख्य आरोपी अगर गोली मारने वाला हें तों उससे कम थानाध्यक्ष की भूमिका भी नहीं हें।
दरअसल परसा गांव में ही एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल नालंदा निवासी कुमोद कुमार उर्फ रघु नहारे को गुड़िया की बड़ी बहन से अदृश्य प्रेम हो गया लेकिन वह उसे भाव नहीं दे रही थी।बताया जा रहा हें कि इस कारण आरोपी ने उसके घर आकर बजावते हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।इस घटना को लेकर सपना ने शिवाजी नगर के थानाध्यक्ष से लिखित शिकायत की लेकिन थानाध्यक्ष ने सपना की एक बात नहीं सुनी।कहा जाता हें कि थानाध्यक्ष ने इसकी सूचना चुपचाप प्रिंसपल को दे दिया।फिर उस प्रिंसिपल ने व्हाट्स ऐप के जरिये मेसेज में सपना को लिखा कि तुम और तुम्हारी बहन समेत मां बाप को मार देंगे।उसने जो कहा सो कर दिया।गुड़िया जब ट्यूशन से लौट रही थी उसी वक्त घात लगाकर बैठा आरोपी उसके माथे में दो गोली मारकर फरार हो गया और गुड़िया की मौत घटना स्थल पर ही हो गई।लोगो का आक्रोश फुट पड़ा ,परिजनों की चीख गूंजने लगी।बताया जा रहा हें कि पढ़ने में गुड़िया अच्छी थी और होनहार थी।
अब सवाल यही हें कि अगर शिवाजी नगर थानाध्यक्ष उस आवेदन पर कारवाई कर दिये होते तों आज यह घटना नहीं होती।
समाजसेवी प्रियंका झा ने कहा कि थानाध्यक्ष द्वारा दिये गये आवेदन के आलोक में प्राथमिकी दर्ज कर कारवाई नहीं करना अपने आप में गंभीर मामला हें अगर समय रहते थानाध्यक्ष निजी स्कूल के उस प्रिंसिपल पर कारवाई कर देते तों आरोपी के पास से हथियार भी बरामद होता और वह जेल की हवा खा रहा होता ,लेकिन थानाध्यक्ष ने कोई कारवाई नहीं की इस कारण गुड़िया को उसने गोली मार दी।प्रियंका झा ने कहा हें कि शिवाजीनगर थानाध्यक्ष का स्थानांतरण दरभंगा जिला बल में हुआ हें इनपर मिथिला क्षेत्र के डीआईजी सख्त से सख्त कारवाई करें तभी पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
