मोटरसाईकिल चोरी के मामले में न्यायालय में फर्जी प्रमाण पत्र उपस्थापित करना पड़ गया महंगा ,लहेरियासराय थाना की पुलिस ने परिजन को किया गिरफ्तार ,अन्य की तालाश जारी 

दस्तक 7मीडिया /गुड्डू राज 

मोटरसाइकिल चोरी के मामले में न्यायालय में फर्जी प्रमाण पत्र उपस्थापित करना महंगा पर गया ,न्यायालय के आदेश पर फर्जी प्रमाण पत्र उपस्थापित करने वाले बहादुरपुर थाना क्षेत्र के मिल्की चक भैरोपट्टी निवासी उपेंद्र दास को लहेरियासराय थाना की पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत भेज दिया हें अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये लहेरियासराय थाना की पुलिस प्रयास कर रही हें।
दरअसल बहादुरपुर थाना कांड 151/24 में नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया था वहीं एक और मामला न्यायालय के आदेश पर लहेरियासराय थाना में कांड संख्या 278 /25दर्ज हुई  थी ।
इन मामलों में नाबालिग के जमानत को लेकर परिजन परेशान थे इस कारण परिजनों ने बड़ी गलती कर दी। जिस प्रमाण पत्र को परिजनों ने न्यायालय में प्रस्तुत किया , उस प्रमाण पत्र को पर हस्ताक्षर को देखते ही न्यायाधीश को शक हो गया। गिरफ्तार हुये उपेंद्र दास ने पुलिस को बताया हें कि पंचायत समिति धर्मेंद्र दास ने उसे फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर दिया जिसे कोर्ट में उसने प्रस्तुत किया। दरअसल न्यायालय में जो प्रमाण पत्र सौंपा गया उसमें राजकीय मध्य विद्यालय दरिमा केवटी लिखा हुआ था एवं प्रधानाध्यापक के तौर पर रामचंद्र प्रसाद का
हस्ताक्षर था ,लेकिन जांच के क्रम में इस नाम का कोई प्रधानाध्यापक नहीं था ,हाँ राम चंद्र मंडल प्रधानाध्यापक जरूर हें लेकिन हस्ताक्षर उनका नहीं था। स्थानांतरण प्रमाण पत्र किये गये जांच में फर्जी निकला।थानाध्यक्ष अमित कुमार ने कहा कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द कर ली जाएगी फिलहाल उपेंद्र को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया हें।