डीएमसीएच परिसर में हुई हत्या एवं पुलिस पर की गई रोड़ेबाजी मामले में दो एफआईआर बेता थाना में दर्ज ,पुलिस की निगरानी में इमरजेंसी बहाल।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /

डीएमसीएच के बीएससी नर्सिंग हॉस्टल के सामने राहुल कुमार मंडल की हत्या और  हत्या के बाद छात्रों की और से किये गये हंगामे व रोड़ेबाजी को लेकर यानि इस अलग अलग मामले में दो अलग अलग प्राथमिकी बेता थाना में दर्ज हुई हें। हत्या के बाद बिगड़े माहाैल काे देखते हुए छात्राें ने हाॅस्टल खाली कर दिया हें।इधर नर्सिंग छात्र राहुल की हत्या करने वाले प्रेम शंकर झा का इलाज पीएमसीएच में चल रहा हें।बुधवार को इमरजेंसी और ओपीडी में मरीजाें का इलाज अन्य दिन के मुताबिक बहाल हें ।

मृतक के पिता गणेश मंडल के फर्द बयान पर हत्यारे कथित सुसर प्रेम शंकर झा, उनके दो बेटों और पत्नी को नामजद किया गया है।

पुलिस ने हॉस्टल में हंगामा करने और पुलिस से धक्का-मुक्की करने के आरोप में दो दर्जन से अधिक अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। गोली चलाने का आरोपी प्रेम शंकर झा फिलहाल पीएमसीएच में पुलिस निगरानी में इलाजरत है। घटना के बाद हॉस्टल पूरी तरह सुनसान हो गया। देर रात सुरक्षा के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया गया हें।

पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेने से इनकार कर रहे थे। परिजनों का कहना था कि राहुल के हत्यारे को उनके हवाले किया जाए, ताकि वे बदला ले सके ।

पुलिस ने काफी मशक्कत की ,परिजनों को समझाया और परिजनों को शव सौंपा। घटनास्थल से पुलिस और फॉरेंसिक टीम के सदस्यों ने कई साक्ष्य को जब्त किया। देर रात भी  डीएमसीएच परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। सुरक्षा व्यवस्था के माहौल में इमरजेंसी चालू हें।

बीएससी नर्सिंग के 23-27 बैच के कई छात्रो ने बताया  कि हॉस्टल में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं है। करीब 200 छात्र-छात्राएं यहां  रहते हैं। कौन आया , कौन गया , देखने वाला तक कोई नहीं है। छात्रों ने बताया कि बिजली और पानी की भी समस्या है। उनका कहना है कि अगर हॉस्टल में सीसीटीवी और सुरक्षा गार्ड होते तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि पूरे मामले पर पुलिस की नजर हें।इमरजेंसी में पुलिस तैनात हें।

बता दे कि प्रेम शंकर झा ने अपनी पुत्री तनु प्रिया को बीएससी नर्सिंग में पढ़ने के लिये नामांकन कराया था जो प्रथम वर्ष की छात्रा हें। दुतीय वर्ष के छात्र से तनु को प्यार हो गया और करीब पांच छः पहले दोनों ने शादी रचा ली।अलग -अलग जाति के रहने के कारण तनु प्रिया के पिता नाराज चल रहें थे।गांव के कुछ लोग बताते हें कि इस मामले में वे अपनी पुत्री को बार बार समझाया था लेकिन तनु नहीं मानी इस कारण उसके पिता मानसिक रूप से तनाव में थे और मौका पाकर अपनी पुत्री के प्रेमिका को गोली मारकर इहलीला ही समाप्त कर दी।

कई लोंगों का कहना हें  कि लड़की के एक कदम की गलती का नतीजा आज दो परिवारों को भुगतना पड़ा हें।