कैमूर के रामपुर प्रखंड स्थित भीतरी बांध गांव डिजिटल इंडिया से अभी भी कोसों दूर है। गांव में मोबाइल टावर होने के बावजूद नेटवर्क नहीं मिलता है। यहां के 800 घरों में रहने वाले 2000 से अधिक लोग फोन करने के लिए गांव से 2 किलोमीटर दूर जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों रामाश्रय सिंह यादव और गिरवर पासवान ने बताया कि गांव में बीएसएनएल का टावर तो लगाया गया है, लेकिन उसमें मशीन नहीं लगाई गई है। सिर्फ स्ट्रक्चर खड़ा किया गया है। किसी भी कंपनी का सिम इस गांव में काम नहीं करता है।
नेटवर्क के लिए जाना पड़ता है 2 किमी दूर
नेटवर्क के लिए ग्रामीणों को या तो 2 किलोमीटर दूर करमचट डैम की तरफ जाना पड़ता है या 3 किलोमीटर दूर अमांव की ओर। रात में किसी की तबीयत खराब होने या अन्य आपात स्थिति में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
भभुआ विधायक ने सदन में उठाई थी मांग।
एक साल पहले लगा था टावर
भभुआ विधायक भरत बिंद का कहना है कि उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर इस मुद्दे को सदन में उठाया था। इसके बाद डीएम और टेलीफोन विभाग सक्रिय हुए और करीब एक साल पहले टावर लगाया गया था। विधायक ने कहा कि उन्हें टावर के काम न करने की जानकारी नहीं थी और वे इस समस्या का समाधान कराएंगे।
जबकि पूरे देश में डिजिटल इंडिया अभियान के तहत ऑनलाइन पेमेंट और इंटरनेट का उपयोग बढ़ रहा है, भीतरी बांध गांव के लोग अभी भी बुनियादी मोबाइल कनेक्टिविटी से वंचित हैं।
