प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षणार्थी।

किशनगंज के पोठिया अर्राबाड़ी स्थित डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय में बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थान (BAMETI) के सौजन्य से तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 4 अगस्त 2025 से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण “ड्रैगन फ्रूट के वैज्ञानिक उत्पादन एवं विपणन” पर केंद्रित है।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पूर्वी बिहार के किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को ड्रैगन फ्रूट की वैज्ञानिक खेती, प्रबंधन और विपणन की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराना है। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ. के. सत्यनारायण, एसोसिएट डीन-सह-प्रिंसिपल ने की।

डॉ. सत्यनारायण ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस युग में ड्रैगन फ्रूट किसानों के लिए एक आशाजनक विकल्प है। इससे न केवल आय में वृद्धि होगी बल्कि पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

इस अवसर पर डॉ. जे. पी. सिंह, प्रभारी अधिकारी, उद्यान अनुसंधान केंद्र, डॉ. संजय सहाय, प्रभारी अधिकारी, ए.सी.एस., किशनगंज, महाविद्यालय के वैज्ञानिक-शिक्षकगण तथा BAMETI के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को ड्रैगन फ्रूट की वैज्ञानिक खेती, बाजार संभावनाओं और मूल्य संवर्धन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।

प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को ड्रैगन फ्रूट की प्रजातियों, रोपण तकनीक, जल व पोषक प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण, उत्पादन लागत, मूल्य संवर्धन और बाजार उपलब्धता की संपूर्ण जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन महाविद्यालय के अनुभवी वैज्ञानिक करेंगे।

कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों को एक प्रगतिशील किसान के ड्रैगन फ्रूट बागवानी क्षेत्र का भ्रमण कराया जाएगा। वहां वे प्रत्यक्ष रूप से खेती की तकनीकों, रख-रखाव और विपणन की रणनीतियों को देखेंगे और किसान से संवाद कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।

यह प्रशिक्षण स्थानीय कृषकों, कृषि विभाग के अधिकारियों और छात्रों के लिए लाभकारी होगा। साथ ही पूर्वी बिहार में ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य की फसल को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।