पुणे महाराष्ट्र से पकड़ा गया लूटकांड का मुख्य आरोपी सिंटू उर्फ मनोज ग्वाला।

ग्वालियर में करीब आठ महीने पहले हुई पांच लाख रुपए की लूट के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह वारदात सिटी सेंटर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाहर हुई थी, जब पीएचई विभाग के ठेकेदार विनय आनंद से बाइक सवार बदमाशों ने पैसे से भरा बैग छीन लिया था।

अब पुलिस ने इस केस में आरोपी मनोज उर्फ सिंटू ग्वाला को महाराष्ट्र के पुणे से पकड़ा है। यह आरोपी पश्चिम बंगाल के राजगढ़ का रहने वाला है, लेकिन हर वारदात के बाद वह अपना ठिकाना बदल देता था। पुलिस का कहना है कि ये शातिर अपराधी है और बड़े कटिहार गैंग का हिस्सा है, जो बिहार, झारखंड और बंगाल में सक्रिय है।

मंगलवार शाम तक पुलिस आरोपी मनोज को लेकर ग्वालियर पहुंच जाएगी, जिसके बाद विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

ब्लू टी-शर्ट में गैंग का सरगना मनीष यादव। दूसरे फुटेज में बाइक चला रहा बदमाश मनोज।

सीसीटीवी में दिखे थे बदमाश, टोल पर भी दिखे

25 नवंबर 2024 को दोपहर करीब 2:55 बजे पीएचई ठेकेदार विनय आनंद बैंक से 5 लाख रुपए निकालकर बाहर निकले ही थे कि बाइक पर आए दो बदमाशों ने उनका बैग छीन लिया और भाग गए। यह पूरी घटना बैंक के बाहर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी।

वारदात के 90 मिनट बाद एक बदमाश पल्सर बाइक पर दोपहर 3:49 बजे सैंया टोल (धौलपुर, राजस्थान) में दिखा। मुरैना और सैंया टोल पर एक ही पल्सर बाइक नजर आई, जिसका RTO रजिस्ट्रेशन हरियाणा के हिसार जिले का था।

यह पहली CCTV फुटेज और पहली लोकेशन थी जो राजस्थान के धौलपुर से मिली थी। एक दिन बाद आगरा में भी बदमाशों की फुटेज मिली थी, जिसके आधार पर पुलिस ने इस गिरोह की पहचान कटिहार गैंग के रूप में की। इस गैंग का सरगना मनीष यादव है, जो पूरे नेटवर्क को संचालित करता है। यह गैंग देशभर में बैंकों के आसपास लूटपाट की घटनाएं अंजाम देता है।

घटना के बाद पीएचई के ठेकेदार ने पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी थी।

गैंग मोबाइल का नहीं करता उपयोग ग्वालियर पुलिस की टीम एमपी, यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली, बिहार और ओडिशा में इस गैंग की तलाश में भटक चुकी है, लेकिन पहले किसी भी आरोपी को पकड़ना संभव नहीं हो पाया था। कुछ समय पहले पश्चिम बंगाल से एक सदस्य पकड़ा गया, जिससे मनोज उर्फ सिंटू ग्वाला के बारे में जानकारी मिली, जो पुणे में था।

इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को जानकारी मिली है कि यह गैंग मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करता, जिससे उनकी ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती है। यदि किसी के पास मोबाइल होता भी है, तो वह हर 10 दिन में सिम कार्ड बदल देता है। जैसे ही पुलिस की टीम उनके नजदीक पहुंचती है, वे स्थान बदल लेते हैं।

यहां भी कर चुके हैं लूट की वारदात

  • 28 अक्टूबर 2024: मध्यप्रदेश के देवास में एसबीआई बैंक के बाहर 3 लाख रुपए की लूट।
  • बलांगीर, ओडिशा: बैंक के पास एक भाई-बहन से 7.5 लाख रुपए से भरा बैग छीना गया।
  • दिसंबर 2024: उत्तराखंड के हरिद्वार में बाइक सवार बदमाशों ने बैंक के सामने लूट की घटना को अंजाम दिया।

ग्वालियर लाकर पूछताछ होगी

एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि पांच लाख की लूट के मामले में पुणे से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। घटना के समय मिले CCTV फुटेज में जो बदमाश बाइक चला रहा था, वही आरोपी मनोज उर्फ सिंटू है। उसे अब ग्वालियर लाकर पूछताछ की जाएगी।

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ग्वालियर में बाइक सवार बदमाशों ने लूटे 5 लाख रुपए

ग्वालियर के सिटी सेंटर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रीजनल ब्रांच के सामने बाइक सवार बदमाश एक पीएचई ठेकेदार से नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। बैग में पांच लाख रुपए थे, जो कुछ ही मिनट पहले बैंक से निकाले गए थे। यह रकम ठेकेदार के बहनोई पीएचई के रिटायर्ड एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की थी।

रिटायर्ड इंजीनियर और ठेकेदार कार में बैठने ही वाले थे कि घात लगाए बदमाशों ने झपट्टा मारकर बैग छीन लिया और बाइक से फरार हो गए। ठेकेदार ने पीछा करने की कोशिश की, लेकिन बदमाश तेज रफ्तार में भाग निकले।