कुशेश्वरस्थान में अंतिम सोमवारी को लेकर तैयारी जोरों पर ,न्यास समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने झोंकी पूरी ताकत ,जगह जगह बांस की बेरिकेंटिग के साथ साथ जाल से घेराबंदी।
कुशेश्वरस्थान में अंतिम सोमवारी को लेकर तैयारी जोरों पर ,न्यास समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने झोंकी पूरी ताकत ,जगह जगह बांस की बेरिकेंटिग के साथ साथ जाल से घेराबंदी।
कुशेश्वरस्थान में अंतिम सोमवारी को लेकर तैयारी जोरों पर ,न्यास समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने झोंकी पूरी ताकत ,जगह जगह बांस की बेरिकेंटिग के साथ साथ जाल से घेराबंदी।
कुशेश्वरस्थान/प्रशांत कुमार
सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर तैयारियां जोरों पर है। जगह जगह बांस का बैरिकेडिंग, शिवगंगा में बेरिकेडिंग कर जाल से घेरा लगाया गया है,, वहीं 6 स्थानों पर नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। न्यास समिति के अध्यक्ष सह एसडीएम शशांक राज और उपाध्यक्ष सह एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है ताकि सोमवार को होने वाली भीड़ में किसी प्रकार का अप्रिय घटना ना हो सके। डीएम, डीआईजी एसएसपी, ग्रामीण एसपी तक सोमवारी को लेकर कुशेश्वरस्थान का दौरा किए और कई अहम निर्देश भी दिए।
लेकिन दुःख की बात है कि बाबा कुशेश्वर नाथ न्यास समिति के एक भी सदस्य को मंदिर से किसी तरह का दिलचस्पी नही दिख रहा है। स्थानीय लोगो का कहना है कि जब से न्यास का गठन हुआ है तब से न्यास के समिति का एक भी सदस्य अपना कर्तव्य नही निभा रहे है। न्यास के सदस्यों को मंदिर के विधि व्यवस्था से कोई मतलब नही है। जितने भी सदस्य है वह यहां की जनता में प्रधानमंत्री के नाम से पुकारे जाने लगे है। स्थानीय लोगो का आरोप है कि न्यास के सदस्य सिर्फ सोमवार को चमकदार धोती कुर्ता और सर्ट पेंट में दिखते है वह भी मंदिर परिसर में कुर्सी पर आराम फरमाते रहते हें।
स्थानीय लोगो का आरोप है कि जिस भी माध्यम से न्यास का गठन हुआ हो लेकिन ऐसे लोगो का चयन किया गया है जो अपने जबाबदेही को समझ ही नही रहे है। वहीं न्यास से सचिव तो पटना में ही रहते है रविवार शाम को आते है और मंगलवार को चले जाते है, बांकी सदस्यों को जब तक बुलाया नही जाता तब तक मन्दिर के आसपास भी नही दिखतें।