पत्रकारों की सुरक्षा के लिये सरकार उठाये ठोस कदम ,आखिर कब तक होती रहेगी पत्रकारों की हत्या ,बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की बैठक में लिये गये कई फैसले ,पटना में बैठक 27जुलाई को।
पत्रकारों की सुरक्षा के लिये सरकार उठाये ठोस कदम ,आखिर कब तक होती रहेगी पत्रकारों की हत्या ,बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की बैठक में लिये गये कई फैसले ,पटना में बैठक 27जुलाई को।
आखिर कब तक होते रहेंगे पत्रकारों पर हमले ?
संजय कुमार राय /दरभंगा
पत्रकारों पर हमले लगातार हो रहें हें।इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं हें। कुछ वर्षों में कई पत्रकार अपराधियों के शिकार हो गये।सच्चाई से लोंगों को रूबरू कराने वाले पत्रकार अपराधियों सहित पदाधिकारियों के निशाने पर रहते हें। या तो अपराधी टपका देते हें या पदाधिकारियों द्वारा झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाता हें। ऐसे में पत्रकारों के पक्ष में ना मीडिया हाउस खड़ा होता हें और ना जिला प्रशासन के अधिकारी। सरकार भी पत्रकारों के पक्ष में खड़ी नहीं होती। ऐसे में निःसहाय पत्रकार करें तो क्या करें। अब पत्रकारिता के माध्यम से जिन्हें समाज सेवा करने की आदत पर गई हें वो करें भी तो क्या। उनके आदतों में सूचना संग्रह कर बेबाकी से खबर प्रकाशित करना आदत में शुमार हें। अररिया में दैनिक अखबार के पत्रकार की हत्या के बाद राज्य के पत्रकारों में असुरक्षा की भावना एक बार फिर पैदा हो गई हें। बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की दरभंगा शाखा ने रविवार को लक्ष्मेश्वर पब्लिक लाइब्रेरी में जिला अध्यक्ष अमरेश्वरी चरण सिन्हा की अध्यक्षता में एक बैठक आहूत की गई। बैठक के दौरान चिंता व्यक्त करते हुये दो मिनट का मौन रखा गया और अररिया के पत्रकार को श्रधांजलि दी गई। अध्यक्ष श्री सिन्हा ने कहा कि पत्रकारिता चुनौती भरा कार्य हें।सरकार का कोई कानून नहीं हें। ऐसे में सरकार को चाहिये कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिये कड़े कानून बने।
इसी मुद्दे को लेकर पटना में इंडियन जनर्लिस्ट यूनियन की बैठक 27अगस्त को पटना में होने वाली हें। इस बैठक में शामिल होने के लिये यहां के यूनियन के दो प्रतिनिधि भाग लेने जाएंगे।