सहरसा में कोसी नदी का कटाव लगातार विकराल रूप ले रहा है। सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के घोघसम गांव और महिषी प्रखंड के नहरवार पंचायत के बघौर गांव में नदी के तेज बहाव से कई परिवारों के घर कट चुके हैं। अब जिला प्रशासन कटाव निरोधात्मक कार्य करवाने मे जूटा है।
दरअसल,बघौर गांव में आधा दर्जन से अधिक घर नदी में समा गए हैं। वहीं घोघसम में डेढ़ दर्जन से ज्यादा परिवार अपना आशियाना खो चुके हैं। जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों में भय का माहौल है। कोसी के बढ़ते कटाव को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है।
कटाव निरोधात्मक कार्य शुरू
सहरसा के आपदा एडीएम संजीव कुमार चौधरी ने गुरुवार को बताया कि कटाव प्रभावित इलाकों में तुरंत कटाव निरोधात्मक कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि कटाव की रफ्तार को नियंत्रित कर जान-माल की रक्षा की जा सके।
कटाव निरोधात्मक कार्य करते मजदूर।
एडीएम ने बताया कि महिषी और सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है। वे कटाव प्रभावित परिवारों का शीघ्र सर्वे कर रिपोर्ट सौंपें। सर्वे के आधार पर विस्थापित परिवारों को सरकारी प्रावधानों के तहत पुनर्वास पैकेज दिया जाएगा।
भूमिहीन परिवारों को मिलेगा 3 डिसमिल जमीन
उन्होंने कहा, “कटाव से जिन लोगों का घर पूरी तरह नदी में बह गया है, विशेषकर भूमिहीन परिवारों को सरकार 3 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराएगी। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें नया घर भी दिया जाएगा। इससे वे फिर से सुरक्षित रूप से बस सकेंगे।”
स्थानीय ग्रामीणों ने कटाव स्थल को मजबूती करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में दर्जनों घर और खेत कोसी में बह सकते हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित इलाकों में आपात राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। अधिकारी लगातार कटाव क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। इंजीनियरों की टीम कटाव रोकने के लिए रात-दिन काम कर रही है।
