दरभंगा जिले के बिरौल वासियों का नगर परिषद का अधूरा सपना, यह क्षेत्र नगर परिषद के लिए सभी अहर्ताएं पूरी करता है। वर्ष 2017 में मिला था दर्जा।

दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।

वर्ष 2017 में नीतीश कुमार की कैबिनेट ने बिरौल को नगर परिषद का दर्जा दिया था। इसके क्रियान्वयन के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी ने बीडीओ को आगे की कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया था। हालांकि, उस समय के बीडीओ और कुछ जनप्रतिनिधियों ने अपने निजी स्वार्थ के कारण सरकार के इस आदेश को दरकिनार कर दिया। इसके बजाय, सिर्फ अफजला पंचायत को कृषि क्षेत्र के साथ आनन-फानन में नगर पंचायत बिरौल का प्रस्ताव भेज दिया।
वह दिन बिरौल वासियों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण रहा, बावजूद इस क्षेत्र की लगभग 25 हजार आबादी आज भी नगर परिषद के लिए उम्मीद लगाए बैठी है। उन्हें वर्तमान जिलाधिकारी कौशल कुमार और अनुमंडल पदाधिकारी शशांक राज से काफी उम्मीदें हैं। ताकि इस क्षेत्र को स्वच्छ और विकसित नगर परिषद का दर्जा मिल सके। चूंकि बिरौल का यह क्षेत्र नगर परिषद के लिए सभी अहर्ताएं पूरी करता है। बताया जाता है कि जिसका सर्वे कर तत्कालीन एसडीओ जगदीश कुमार के बाद मो.शमीम उसके बाद मो.शफीक ने जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था।