आशा कार्यकर्ताओं के संघर्ष की छोटी जीत,लेकिन सरकार की चालाकी के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा–शशि यादव
आशा कार्यकर्ताओं के संघर्ष की छोटी जीत,लेकिन सरकार की चालाकी के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा–शशि यादव
आशा कार्यकर्ताओं के संघर्ष की छोटी जीत,लेकिन सरकार की चालाकी के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा–शशि यादव
दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /
बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ गोप गुट-ऐक्टू की राज्य अध्यक्ष सह एमएलसी शशि यादव ने बिहार सरकार द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को ₹1000 से बढ़ाकर ₹3000 प्रति माह करने के फैसले को संघर्ष की एक छोटी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी मई 2025 में हुई पांच दिवसीय हड़ताल,9 जुलाई की राष्ट्रीय हड़ताल और 12 अगस्त 2023 को सरकार के साथ हुए लिखित समझौते का ही नतीजा है। शशि यादव ने कहा कि यह सरकार की मजबूरी थी,क्योंकि पूरे बिहार में आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का घेराव किया था। हालांकि उन्होंने सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि समझौते में”मानदेय”देने की बात थी,लेकिन भाजपा-नीतीश सरकार ने चालाकी करते हुए इसे”प्रोत्साहन राशि”बता दिया। उन्होंने साफ कहा कि आशा और आशा फैसिलिटेटरों को मानदेय वाला दर्जा और सरकारी कर्मी का हक मिलना चाहिए। शशि यादव ने केंद्र की मोदी सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 3500 रुपये मासिक मानदेय का प्रस्ताव तैयार है,लेकिन केंद्र सरकार उसे मंजूरी नहीं दे रही है। उन्होंने राज्य भर की आशा कार्यकर्ताओं से 12 अगस्त को पटना के गर्दनीबाग में जुटने और गुलाबी साड़ी से मैदान को भर देने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की चालाकी का पर्दाफाश करने का यह सही वक्त है।