किशनगंज में बुधवार को उर्वरक डीलरों के लिए 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यह CCINM कोर्स का सातवां बैच है, जो 13 अगस्त 2025 तक चलेगा। यह प्रशिक्षण रायपुर अर्राबाड़ी स्थित डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय में चल रही है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य उर्वरक विक्रेताओं को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन में पैरा-एक्सटेंशन प्रोफेशनल के रूप में तैयार करना है। इससे वे कृषि उत्पादकता और किसान सहायता में अहम भूमिका निभा सकें।
रायपुर अर्राबाड़ी स्थित डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय में प्रशिक्षण चल रही है।
उर्वरक के बेहतर उपयोग सिखाने का प्रशिक्षण
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय के एसोसिएट डीन सह प्रिंसिपल डॉ. के. सत्यनारायण ने किया। उन्होंने कहा कि, उर्वरकों का संतुलित और सही उपयोग फसल उत्पादन में क्रांति ला सकता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम डीलरों को जिम्मेदार और जानकार बनाते हैं।
प्रशिक्षण से कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा
कोर्स समन्वयक डॉ. एस.सी. पॉल ने प्रशिक्षणार्थियों को कोर्स की रूपरेखा और लाभ की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से न केवल डीलर, बल्कि कृषक समुदाय भी लाभान्वित होगा। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव और अपेक्षाएं साझा कीं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
यह कोर्स फर्टिलाइजर डीलर्स, कृषि व्यवसायियों और किसानों के लिए खुला है। इच्छुक युवक-युवतियां आधार कार्ड, 10वीं के प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र की कॉपी और दो पासपोर्ट फोटो के साथ आवेदन कर सकते हैं। चयन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर होगा।
