कटिहार के उदामराहिका में लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से बना बस स्टैंड आज कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है। इस बस स्टैंड का उद्घाटन 24 दिसंबर 2016 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऑनलाइन माध्यम से किया था।

उद्घाटन के 9 साल बाद भी यहां से एक भी बस का परिचालन शुरू नहीं हुआ है। अब यह बस स्टैंड शहर का अनौपचारिक कचरा डंपिंग जोन बन गया है। परिसर और आसपास का इलाका कचरे और बदबू से भरा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

जर्जर हालत में बस स्टैंड की इमारत।
इमारत की हालत अब जर्जर

आधुनिक सुविधाओं से लैस होने का दावा करने वाली इस इमारत की हालत अब जर्जर हो चुकी है। खिड़कियां टूटी हुई हैं और अंदर लगे पंखे व अन्य उपकरण चोरी हो चुके हैं।

स्थानीय नागरिकों ने बनाई ‘बस स्टैंड संघर्ष समिति’

इस लापरवाही के विरोध में स्थानीय नागरिकों ने ‘बस स्टैंड संघर्ष समिति’ बनाई है। समिति के संयोजक त्रिभुवन ठाकुर ने 5 सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें बसों का परिचालन जल्द शुरू करना, कचरा डंपिंग बंद करना, बस स्टैंड का नामकरण स्वतंत्रता सेनानियों या शहीद जगदेव प्रसाद के नाम पर करना, परिसर में स्थायी पुलिस चौकी बनाना और निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच शामिल है।

कटिहार सदर विधायक ने मुद्दे को विधानसभा में उठाया

कटिहार सदर विधायक और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया है। उन्होंने कहा कि 2016 में निर्माण और उद्घाटन के बाद भी बस परिचालन शुरू न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। शहर में सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण लोगों को जाम और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।