भदोही जनपद के सीतामढ़ी में नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। महंत हरिप्रसाद शास्त्री ने बताया कि नाग पंचमी श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है।
इस वर्ष नाग पंचमी का त्योहार 29 जुलाई मंगलवार को मनाया गया। श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 28 जुलाई की रात 11:24 बजे से शुरू होकर 30 जुलाई की रात 12:46 बजे तक रही। तिथि का उदय 29 जुलाई को होने के कारण इसी दिन व्रत और पूजा की गई।
पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5:41 बजे से 8:23 बजे तक रहा। इस दौरान महिलाओं ने विशेष रूप से पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से कालसर्प दोष, सर्प भय और सर्पदंश जैसी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
पूजा विधि में सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनना, गाय के गोबर से नाग का आकार बनाना और नाग देवता का आह्वान करना शामिल था। भक्तों ने व्रत रखकर संकल्प लिया। मेवा, गुलाल, अबीर, मेहंदी, फूल और दूध नाग देवता को अर्पित किए गए।
हिन्दू धर्म में नाग पंचमी एक विशेष और आस्था से जुड़ा पर्व है। इस दिन नाग देवता की आराधना और उनसे कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा की जाती है। स्थानीय लोगों ने इस अवसर पर अपने परिवार की सुरक्षा और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
