दरभंगा में उत्पाद विभाग का निरीक्षण,उपायुक्त दीनबन्धु ने दिए सख्त निर्देश!

सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार ने कहा कि उपायुक्त के निर्देशों का पूरी तरह किया जाएगा पालन ।

केस कम होने के कारण पुराने एएसआई पर जताई नाराज़गी,बैज नहीं लगाकर आने से एएसआई अरुण कुमार को लगायी फटकार!

दस्तक 7मिडिया, दरभंगा /संजय कुमार राय 

दरभंगा प्रमंडल उत्पाद विभाग के उपायुक्त दीनबन्धु ने सोमवार को लहेरियासराय स्थित उत्पाद थाना और सहायक आयुक्त कार्यालय सहित पूरे भवन का निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभाग के उत्पाद पुलिस पदाधिकारी और एएसआई के साथ बैठक की और पुलिसिया पाठ पढ़ाया,साथ ही कई जरूरी निर्देश दिए।इस दौरान उन्होंने एएसआई सोनू कुमार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सोनू कुमार काफी समय से विभाग में हैं,इसके बावजूद उनके केस की संख्या बहुत कम है,जो चिंता की बात है। वहीं एएसआई अरुण कुमार राय को बैठक में बिना बैज के आने पर फटकार लगाई गई। उपायुक्त ने साफ कहा कि ड्यूटी के समय अनुशासन जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आगे ऐसी लापरवाही दिखी,तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने सभी थानेदारों और एएसआई को निर्देश दिया कि हर महीने कम से कम 20 शराब विरोधी केस दर्ज होने चाहिए। उन्होंने कहा कि अब लापरवाही नहीं चलेगी, और काम में सुधार लाना होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए शराब के अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगानी होगी। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस लापरवाही करेगी,तो शराब माफियाओं का हौसला बढ़ेगा। इसलिए  सख्त कार्रवाई जरूरी है।

थाने के रजिस्टर ठीक रखने के आदेश

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने थाने में रखे जाने वाले सभी जरूरी रजिस्टर की जांच की और इन्हें सही तरीके से भरने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा मालखाना रजिस्टर में यह लिखा हो कि शराब कब पकड़ी गई,कब नष्ट की गई और वाहन कब जब्त हुआ व कब नीलाम हुआ। हाजत रजिस्टर में आने-जाने का समय और उस समय कौन ड्यूटी पर तैनात था,यह साफ लिखा जाना चाहिए । गश्ती की जानकारी स्टेशन डायरी में पूरी और साफ-साफ दर्ज होना चाहिए । ड्यूटी चार्ट थानाध्यक्ष बनाएँ और उसमें सभी पुलिस कर्मी की ड्यूटी और उपस्थिति का ज़िक्र हो।

अवैध शराब के खिलाफ सख्त कदम

उपायुक्त ने कहा कि हर थाना अपने इलाके की उन जगहों की पहचान करे जहाँ अवैध शराब बनाई या बेची जाती है। ऐसी जगहों पर सिर्फ कागज़ों में नहीं,बल्कि मौके पर जाकर जांच और कार्रवाई हो। उन्होंने होटल,ढाबा,पेट्रोल पंप जैसे स्थानों की भी सूची तैयार करने को कहा। कोई वाहन पकड़ा जाए तो उसका मालिक,ड्राइवर और लाइसेंस की पूरी जानकारी लेना आवश्यक है । महिला को आरोपी तभी बनाया जाए जब वह मौके पर मौजूद हो और वाहन उसी के नाम पर हो। उपायुक्त ने कहा कि जिन लोगों पर दो या दो से ज्यादा शराब से जुड़े मामले दर्ज हैं, उनके खिलाफ सीसीए के तहत प्रस्ताव भेजा जाए।

ज़िम्मेदार अधिकारी पर होंगी कारवाई 

इसके अलावा,उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी केस में 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं होती है तो जिम्मेदार अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बंगाल और झारखण्ड से आनेवाली खेपो पर रखे नज़र 

उन्होंने कहा कि बंगाल और झारखंड से जो शराब की खेप आती है,उस पर खास नजर रखी जाए। रेलवे स्टेशन,बस स्टॉप और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और गश्ती बढ़ाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को टीम बनाकर बेहतर काम करने की बात कही।इस मौके पर सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार ने कहा कि उपायुक्त के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा और सभी पदाधिकारियों से उसी अनुसार काम कराया जाएगा। बैठक में उत्पाद सदर थानाध्यक्ष,मोबाइल उत्पाद थानाध्यक्ष,बेनीपुर और बिरौल के थानाध्यक्ष के साथ हाल ही में स्थानांतरित हुए एएसआई भी मौजूद थे।

मद्य निषेध का यह अधिकारी,नाम है दीन बंधु, अपने कुशल कार्यशेली को लेकर बिहार भर मे चर्चित रहे है!दरभंगा मे भी उन्होंने एक बिधायक के भाई को जेल की हवा खिला दी,उत्पाद मधनिषेध विभाग का यह जांबाज़ अधिकारी,जिसकी सख्ती और ईमानदारी से शराब माफिया भी कांप उठते है!

शराब माफियाओ के बिरुद्ध टूट पड़ते है आयुक्त 

फिलहाल ये मद्य निषेध बिभाग दरभंगा प्रमंडल के उपायुक्त पद पर बिराज़मान है नाम है दीनबंधु! इनके ज़िम्मे कई ज़िलों का भार है फिर भी शराब माफियाओ के बिरुद्ध टूट पड़ते है!