शहर के कई थानाध्यक्ष रात्रि गश्ती में बरत रहें हें लापरवाही, एसएसपी का शख्त निर्देश ,गश्ती में नहीं बरतें लापरवाही।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय
दरभंगा जिला के शहरी क्षेत्रों में रात्रि गश्ती का अभाव हें हें ।रात के अंधेरे में अगर कोई बड़ी वारदात हो जाय तों पुलिस हाथ पर हाथ देकर बैठ जाएगी। यही कारण हें कि बिहार में आपराधिक घटनाओं में वृद्धि दिखाई और सुनाई पड़ती हें।बिहार में जहां भी आपराधिक घटना हुयी हें ,ज्यादातर जगहों पर गश्ती का अभाव पाया गया हें।अगर पुलिस की गश्ती ठीक से की जाय तों अपराधियों को अपराध करने से पहले पसीने छूट जाएंगे।
दस्तक 7मीडिया की टीम इसी गश्ती को लेकर बुधवार की रात शहरी थाना क्षेत्र में हो रही रात्रि गश्ती का जायजा लिया।इस दौरान एक आध थाना की गश्ती को छोड़ किसी भी थाने की गाड़ी सड़कों/ मुहल्लों में गश्ती करते नहीं दिखाई पड़ी।
बुधवार की रात लहेरियासराय ,कोतवाली ,बहादुरपुर ,मब्बी ,विश्वविद्यालय ,सदर एवं बेता थाना क्षेत्रों के कई इलाकों एवं गलियों में थाना द्वारा नित्य दिन निकाली गई गश्ती के बाबत जानकारी लेने का जब प्रयास किया तों बंगाली टोला मुहल्ला से निकलने के दौरान लहेरियासराय थाना के डायल 112की तीन मोटरसाइकिल पर कुल छः जवान गश्ती करते हुये दिखाई पड़े ,समय करीब साढ़े नो बजे थे ,यही नहीं लहेरियासराय थाना की एक चार चक्का वाहन रहमगंज की और जाते दिखाई पड़ा।
दस्तक 7की टीम लहेरियासराय थाना होते हुये एकमी स्थित बाईपास पहुंचा।वहां बहादुरपुर थाना पुलिस की गाड़ी दो पहिया वाहनों को चेक कर रही थी। पुलिस की जो गाड़ी (BR07P-7793)खड़ी थी उसमें पदाधिकारी एएसआई रुकेस कुमार थे। समय करीब रात के दस बज रहें थे।इसके बाद दस्तक 7मीडिया की टीम आगे बढ़ी,शोभन चौक पहुंची , शोभन चौक पर देखा कि कोइ भी पुलिस की गाड़ी नहीं थी। हाँ शोभन से मब्बी थाना की और बढे तों एन एच 27पर एक हाईवे पेट्रोलिंग की गाड़ी (BR01HP-2085)जरूर मिली ,जिसपर एएसआई वासुकी नाथ यादव ड्यूटी करते नजर आये।
इसके बाद मब्बी थाना पहुंचे ही थे इतने में थानाध्यक्ष आ पहुंचे ,उन्होंने कहा कि एक गाड़ी गश्ती में निकली हुई हें ,कुछ देर बाद मेरी गाड़ी फिर से गश्ती में निकलेगी।ओडी में तैनात पुलिस पदाधिकारी बिंदेश्वर राम ड्यूटी करते चुस्त दुरुस्त दिखे।
सदर थाना क्षेत्र के दिल्ली मोड़ से लेकर एन एच 27के सांसद अशोक यादव के पंप तक सदर थाने की एक भी गश्ती गाड़ी नहीं मिली यही नहीं लक्ष्मी सागर मुहल्ले से लेकर गंज तक कोई भी थाना की गश्ती गाड़ी नहीं दिखाई पड़ी यहां तक कि डायल 112की गाड़ी भी नदारद थी।सदर थानाध्यक्ष ने पूछने पर कहा कि उनके थाने में चार गाड़िया हें जो अलग अलग इलाकों में नियमित गश्त करती हें।
सदर थाना क्षेत्र से कोतवाली थाना क्षेत्र में जब प्रवेश किये तों नाग मंदिर के पास एस आई ओम प्रकाश के नेतृत्व में एक गश्ती गाड़ी( BR0BC6619)दिखाई पड़ी जो मुहल्ले में गश्ती कर रही थी।
वहीं नगर थाना क्षेत्र में टावर चौक ,गुदड़ी बाजार ,एवं कई अन्य मुहल्लों में घूमते रहें लेकिन यहां थाना की पुलिस कहीं भी गश्ती करते नहीं दिखाई दी।पुरा सन्नाटा था।हालांकि थानाध्यक्ष ने पूछने पर बताया कि दो गाड़ियां हें और दोनों गश्त कर रही थी।
विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के बेला मोड़ से स्टेशन रोड तक गाड़िया नहीं मिली लेकिन थानाध्यक्ष ने कहा कि थाने की गाड़ी मुहल्लों में गश्ती कर रही हें।
इसके अलावे बेता थाना क्षेत्र के कर्पूरी चौक, हॉस्पिटल रोड आदि जगहों पर बेता थाना पुलिस की गश्ती गाड़ी नहीं मिली। इन सभी थानों के रात्रि गश्ती पर गौर करें तों सवाल यही हें कि बेहतर पुलिसिंग कैसे होगी। अगर रात में कोई आपराधिक घटना घट जाय और पुलिस को सूचना भी मिल जाय ,तब तक पता चलेगा कि अपराधी कोसों दूर भाग गये ,इसीलिये जरूरी हें कि रात्रि गश्ती की गाड़िया सड़कों पर दिखाई दे।
दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेडडी जला रेडडी इस मामले में सख्त हें ,एसएसपी अपने मासिक गोष्ठी एवं थाना के निरीक्षण के दौरान सभी थानाध्यक्ष को हिदायत देते रहते हें कि गश्ती को दुरुस्त रखे इसके बावजूद कई थानाध्यक्ष लापरवाही बरतते हें।
फिलहाल सभी गाड़ियों में जीपीएस लगा हुआ हें जिसका मॉनेटरिंग एसएसपी कार्यालय से हो रहा हें।जांच के बाद ही पता चलेगा कि कौन थाने की कौन सी गाड़िया क्षेत्र में भ्रमणशील रही।
दिल्ली मोड़ के दोनों तरफ का फोटो
दरभंगा टावर का फोटो
कोतवाली थाना गश्ती गाड़ी
हाईवे पेट्रोलिंग
बहादुरपुर थाना की गश्ती टीम ,वाहन जांच करती पुलिस
