दरभंगा परिवहन कार्यालय में ताले और सन्नाटा,डाटा एंट्री ऑपरेटरों की हड़ताल से कामकाज ठप
दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /
दरभंगा के जिला परिवहन कार्यालय में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। बेल्ट्रॉन से जुड़े डाटा एंट्री ऑपरेटर अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर बीते कई दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस कारण ड्राइविंग लाइसेंस,वाहन निबंधन,ट्रांसफर,डीएल-आरसी नवीकरण,चालान और सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी मुआवजा जैसी जरूरी सेवाएं पूरी तरह बंद हो गई हैं। कार्यालय के डीटीओ,एडीटीओ,एमवीआई,एएमवीआई और अन्य कक्षों में ताले लटके हुए हैं। काउंटर पर भी पूरी तरह सन्नाटा है।लोग घंटों तक पदाधिकारियों के इंतजार में बैठे रहते हैं,लेकिन किसी से मुलाकात नहीं हो पा रही।

लोग परेशान,जवाब देने वाला कोई नहीं मुजफ्फरपुर से आए संतोष कुमार झा ने कहा एक हफ्ते से आरसी के लिए आ रहा हूं,लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल रही।उन्होंने कहा कि आज मंगलवार हें , दोपहर के 2 बज गए हैं,अब तक किसी अफसर से बात नहीं हो पाई।
वहीं कुमार आलोक ने बताया मैं भी मुजफ्फरपुर से आया हूं,अधिकारी के इंतजार में हूं,लेकिन कोई नहीं मिल रहा। कुशेश्वरस्थान से आए मुजाहिद ने कहा तीन दिन से रोज आ रहा हूं। पैसे जमा करने है लेकिन कोई काम नहीं हो रहा। सब कुछ ऑनलाइन होता है और डाटा एंट्री ऑपरेटर हड़ताल पर हैं। हड़ताल पर कर्मचारी खास लोगों का काम कर रहे कुछ ऑपरेटर हड़ताल पर बैठे डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने बताया कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी,वे काम पर नहीं लौटेंगे। उनकी प्रमुख मांगों में यह है कि उन्हें बिना शर्त पदस्थ कार्यालय में समायोजित किया जाए,चिकित्सा,आवासीय और यात्रा भत्ता मिले,और स्थानांतरण उनके गृह जिला में किया जाए।
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि हड़ताल के बावजूद कुछ डाटा एंट्री ऑपरेटर अंदर ही अंदर खास लोगों का काम कर रहे हैं। डीटीओ कक्ष के बाहर बैठे राम ठाकुर,संजीव कुमार,रोशन कुमार और आशीष कुमार ने बताया कि काउंटर पर एक ऑपरेटर बैठा है,लेकिन वह मदद नहीं कर रहा क्योंकि वो खुद को स्ट्राइक पर बता रहा है।कर्मचारियों ने जारी की मांगों की सूची डाटा एंट्री ऑपरेटर एकता मंच के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश मेहता और सचिव सुनील कुमार ने बताया कि राज्य स्तरीय आह्वान पर सभी ऑपरेटर सामूहिक हड़ताल पर हैं और जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती,यह हड़ताल जारी रहेगी।परिवहन कार्यालय में जारी यह हड़ताल आम जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई है।जरूरतमंद लोग रोजाना चक्कर काट रहे हैं,लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिल रहा है। जब तक ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म नहीं होती,कामकाज ठप ही रहेगा।

