कंप्यूटर देखे बिना ही पढ़ाई कर रहे बच्चे,मिडिल स्कूलों में ‘मैं और मेरा कंप्यूटर’किताब लागू,लेकिन प्रैक्टिकल नहीं

दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /

जिले के सरकारी मिडिल स्कूलों (कक्षा 6 से 8) में इस साल से पहली बार ‘मैं और मेरा कंप्यूटर’ नामक किताब पढ़ाई जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में यह विषय शुरू हुआ है,लेकिन स्कूलों में कंप्यूटर की व्यवस्था ही नहीं है। बच्चे केवल किताबों से कंप्यूटर की जानकारी ले रहे हैं,लेकिन उन्हें कंप्यूटर छूने या चलाने का मौका नहीं मिल पा रहा है। सितंबर में परीक्षा,लेकिन कंप्यूटर देखा भी नहीं सितंबर में होने वाली अर्धवार्षिक परीक्षा में ‘मैं और मेरा कंप्यूटर’से सवाल पूछे जाएंगे। अप्रैल से किताब पढ़ाई जा रही है। मई में कंप्यूटर का परिचय और कंप्यूटर के अंग जैसे अध्याय पढ़ाए गए। जुलाई में आओ कंप्यूटर चलाएं पढ़ाया जा रहा है,जबकि बच्चे आज तक कंप्यूटर देख भी नहीं पाए हैं। अगस्त मेंबआओ चित्रकारी करें चैप्टर पढ़ाया जाएगा।आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास की स्थिति दरभंगा जिले के 18 प्रखंडों में लगभग 900 मिडिल स्कूल हैं,लेकिन फिलहाल केवल 46 स्कूलों में ही आईसीटी लैब और 96 स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित हो रहे हैं। दो साल पहले शिक्षा विभाग ने एक एजेंसी के माध्यम से 162 स्कूलों में लैब शुरू कराई थी। हर लैब में 10 कंप्यूटर थे। लेकिन एजेंसी का अनुबंध खत्म हो गया और भुगतान नहीं होने पर कंप्यूटर वापस ले लिए गए।

प्रखंडवार स्थिति कुछ उदाहरण

बहेड़ी–5 आईसीटी लैब,14 स्मार्ट क्लास,केवटी–5 आईसीटी लैब,6 स्मार्ट क्लास,सिंहवाड़ा–4 आईसीटी लैब,6 स्मार्ट क्लास,बेनीपुर–1 आईसीटी लैब,4 स्मार्ट क्लास पुस्तक में शामिल अध्याय
कंप्यूटर एक परिचय,कंप्यूटर के अंग,आओ कंप्यूटर चलाएं,आओ चित्रकारी करें,माइक्रोसॉफ्ट वर्ड,सूचना एवं प्रौद्योगिकी का उपयोग,डिजिटल नागरिकता और साइबर सुरक्षा,आईसीटी के उभरते रुझान

डीईओ केएन सदा का कहना है

जिन स्कूलों में लैब नहीं है,वहां विभाग के निर्देश के बाद सुविधाएं दी जाएंगी। पहले अधिकांश स्कूलों में लैब थी,लेकिन एजेंसी से अनुबंध खत्म होने के कारण अब वह सुविधा रुकी हुई है।
बच्चे किताबों में कंप्यूटर की बातें तो पढ़ रहे हैं,लेकिन बिना प्रैक्टिकल के यह शिक्षा अधूरी है। कंप्यूटर शिक्षा को असरदार बनाने के लिए स्कूलों में जल्द से जल्द कंप्यूटर और लैब की व्यवस्था जरूरी है।