कुशेश्वरस्थान विधानसभा के नदियामी के ग्रामीणों की हुंकार – “सड़क नहीं तो वोट नहीं!”
कुशेश्वरस्थान विधानसभा के नदियामी के ग्रामीणों की हुंकार – “सड़क नहीं तो वोट नहीं!”
कुशेश्वरस्थान विधानसभा के नदियामी के ग्रामीणों की हुंकार – “सड़क नहीं तो वोट नहीं!”
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले, कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र के नदियामी गांव में ग्रामीणों ने एक बड़ा फैसला लिया है। भदहर पंचायत के नदियामी गांव में शुक्रवार को हुई एक बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि पंचायत में पांच प्रमुख सड़कों का निर्माण और मरम्मत नहीं होती है, तो वे आगामी विधानसभा चुनाव का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने नेताओं से स्पष्ट शब्दों में अपील की है कि “वोट मांग कर हमें शर्मिंदा न करें।”
विकास की राह में रोड़ा बनी सड़कें ग्रामीणों ने अपनी प्रमुख मांगों को सूचीबद्ध करते हुए नेताओं को चेताया कि नदियामी से माहरी डीह होते हुए लारांच घाट तक बारहमासी सड़क का निर्माण,नदियामी से मोहिम बुजुर्ग तक बारहमासी सड़क का निर्माण,नदियामी से फरसाही तक बारहमासी सड़क का निर्माण,
नदियामी से सोनमा बांध से पलवा ब तक बारहमासी सड़क का निर्माण।
बैठक में उपस्थित राम शंकर प्रसाद सिंह, नवीन सिंह, बलराम मुखिया, सुधीर राय, रविंद्र सिंह, सुरेश मुखिया, अरुण सिंह, रमेश यादव, संजय और दीपक साहू सहित अन्य ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन सड़कों का निर्माण कार्य विधानसभा चुनाव से पहले शुरू नहीं किया गया, तो पुरे गांव और पंचायतवासी एकजुट होकर वोट का बहिष्कार करेंगे।
नेताओं के झूठे वादों से अब नहीं बहकेंगे ग्रामीण
सामाजिक कार्यकर्ता चंदन यादव ने इस मुद्दे पर जोर देते हुए कहा, “अब नेतागण अपने झूठे वादों से पंचायतवासियों और कुशेश्वरस्थान विधानसभा के लोगों को गुमराह नहीं कर पाएंगे।” उन्होंने दृढ़ता से कहा कि “सड़क नहीं तो वोट नहीं” का नारा अब पूरे कुशेश्वरस्थान विधानसभा में गूंजेगा।
नदियामी के ग्रामीणों का यह सख्त रुख स्थानीय नेताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अब विकास के मुद्दों पर केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस कार्य ही उन्हें जनता का समर्थन दिला पाएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस गंभीर चेतावनी के बाद प्रशासन और राजनेता इस ओर क्या कदम उठाते हैं।