अपने मनमानेपन को लेकर चर्चित हे दरभंगा के सिविल सर्जन ,स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारियों के आदेश को दिखा रहें हेँ ठेंगा ,आदेश और निर्देश रद्दी के टोकरी में।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय 

सिंहबाड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित कनीय चिकित्सा पदाधिकारी को लेकर मुद्दा काफी गरमा गया हे,अगर सिविल सर्जन द्वारा इस मामले में कारवाई नहीं की गई तों उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हेँ

मनमानी पर अडिग हुए सिविल सर्जन दरभंगा।

सरकार के उप सचिव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुये सिविल सर्जन दरभंगा को निर्देश/आदेश देते हुये कहा हेँ कि इस आदेश का अक्षरशः पालन किया जाय अन्यथा विभागीय आदेश के अवहेलना करने के लिये आपके विरुद्ध अनुशासनिक कारवाई प्रारंभ की जाएगी ,यदि विशेष परिस्थिति में चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति किया जाना हो तों सक्षम प्राधिकार से अनुमोदन के पश्चात ही प्रतिनियुक्त किया जाय।

दरअसल स्वास्थ्य विभाग के आदेश ज्ञापांक 507(3) दिनांक 26/7/2023 के सख्त आदेश की धज्जियाँ सिविल सर्जन उड़ा रहें हे इस कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिंहवाड़ा में कनीय चिकित्सा पदाधिकारी को प्रभारी सह निकासी एवं ब्ययन पदाधिकारी पद पर आसीन कर दिया  हे,जो नियम के विरुद्ध हे। भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा सरकार के विशेष सचिव से इस बात को लेकर शिकायत की गई थी।इस आलोक में विभाग के द्वारा पुनः ज्ञापांक 382(3) दिनांक 8/7/2025 से सख्त आदेश दिया गया कि पूर्व के आदेश का अक्षरशः अनुपालन करें और वरीय चिकित्सा पदाधिकारी को हीं प्रभारी सह निकासी एवं ब्ययन पदाधिकारी सिंहबाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित करें तथा कृत कार्रवाई से विभाग को भी अवगत करायें ताकि मा० न्यायालय में अनावश्यक विभाग की राशि और समय बर्वाद न हो और विधान सभा में असहज स्थिति का सामना नहीं करना पड़े।

लेकिन देखा जा रहा हेँ कि विभाग के किसी पत्र का असर सिविल सर्जन पर नहीं हो रहा हे।
विदित हो कि क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वा० सेवाएँ, दरभंगा प्रमंडल दरभंगा के पत्रांक 90 दिनांक 27/2/2023 के द्वारा सा० स्वा० केंद्र सिंहवाड़ा के प्रभारी के विरुद्ध वित्तीय नियमावली के उल्लंघन करने के आरोप में अनुशासनिक कार्रवाई एवं स्थानांतरण हेतु सिविल सर्जन दरभंगा को अपर मुख्य सचिव का अनुशंसा भी प्राप्त हो चुका हे।
स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव विनोद कुमार पाठक ने भी अपने निर्देश में कहा हे कि अस्पताल में वरीय चिकित्सा प्रभारी ही प्रभारी बन सकते हे।
इतने आदेशों के बावजूद सिंहबाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कनीय चिकित्सा पदाधिकारी का बने रहना सभी वरीय पदाधिकारियों के आदेश का उल्लंघन हेँ ऐसे में स्वास्थ्य विभाग में अनुशासनिक व्यवस्था पर भी बड़ा प्रश्न हे।