मधुबनी जिले के पुलिस कर्मियों का कारनामा : सड़कों पर वाहनों को जबरन रोकना एवं स्टीकर लगाने के नाम पर जबरन उगाही करना बन चुका हे  पुलिस वालों का धंधा।ना वर्दी की परवाह और ना वरीय अधिकारियों का डर। 

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /

सड़क सुरक्षा के नाम पर फर्जी एजेंसियों के द्वारा पुलिस की निगरानी में वाहन मालिकों से अवैध वसूली किया जाता हे जो नियम विरुद्ध हे,विगत कई सालों से यें फर्जी एजेंसियां गाड़ी में जबरन स्टीकर लगाकर वाहन चालकों से तीन सो या उससे अधिक भी पैसे वसूल करता हेँ जो नियमाकुल नहीं हेँ।


इधर सूचना मिल रही हे कि मधुबनी जिला के विभिन्न क्षेत्रों में यह मामला फल फूल रहा हे।यें फर्जी एजेंसिया कई वरीय प्रशासनिक /पुलिस पदाधिकारी को तालमेल में लेकर मोटी रकम देते हे,यही नहीं थाना भी मैनेज करते हेँ फिर इनका धंधा शुरू हो जाता हे लेकिन मामला प्रकाश में आने के बाद भी दोषी एजेंसियों और पुलिस कर्मियों पर कारवाई नहीं होती। सूचना मिली हे कि यह एजेंसिया करीब एक महीने से बेनीपट्टी और उसके इर्द गिर्द के थाना क्षेत्रों के सड़कों पर गाड़ी में जबरन स्टीकर साटकर चालकों से खूब पैसों की उगाही किया हे।लोंगों का कहना हे कि एक महीना के दौरान 50लाख से ऊपर की कमाई इस फर्जी एजेंसी को हुई हे।वजह आने जाने वाली गाड़ियों को थाना के पुलिस वाले जबरन गाड़ी रोकते हेँ और रिफ्लेक्टिव रेडियम टेप लगाकर जबरन पैसा वसूली करते  हे।

अरेर थाना क्षेत्र में वसूली के दौरान तैनात सब इंस्पेक्टर व पुलिस के जवान।

फर्जी एजेंसी के तहत कारोबार में शामिल लोग 


इसकी जानकारी जब मधुबनी के एसपी को हुई तों उन्होंने एक आदेश निकाला हे जिसमें कहा गया हे कि पुलिस उपाधीक्षक यातायात के माध्यम से निर्गत आदेश को तत्काल रद्द किया जाता हे साथ ही सभी पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी /अंचल निरीक्षक /थानाध्यक्ष को निर्देश दिया जाता हे कि रेडियम टेप लगाने के नाम पर वाहनों से अवैध वसूली करने वालों के विरुद्ध शख्त कारवाई की जाय।
अब सवाल यही उठता हे कि क्या पुलिस उपाधीक्षक यातायात के इशारे पर यह अवैध वसूली की जा रही थी ,क्या सड़कों पर तैनात सिपाही इन्हीं के निर्देशों का पालन कर रहें थे या फिर थाना की पुलिस थी। ऐसे पुलिस कर्मियों पर आखिर कारवाई क्यूँ नहीं ?फर्जी एजेंसियों पर भी अब तक कोई कारवाई नहीं हुयी हे।

एसपी का पत्र /