बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आधार और वोटर आईडी को लिंक करने के मुद्दे पर उठे राजनीतिक विवाद के बीच विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जो लोग संविधान की दुहाई दे रहे हैं, उन्हें निर्वाचन प्रक्रिया की बुनियादी जानकारी ही नहीं है।
पटना में पत्रकारों से बात करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा, “संविधान की किताब गिनवाने वाले लोगों को पता ही नहीं है कि निर्वाचन आयोग ने जो फॉर्म दिया है, उसमें पहले से आधार नंबर मांगा जा रहा है। इसमें कोई नई बात नहीं है। आयोग पहले से इसकी मांग कर रहा है।” उन्होंने दावा किया कि “9 जुलाई को ही बिहार के 52% लोगों ने यह फॉर्म भरकर जमा कर दिया है, लेकिन राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं को इसकी जानकारी तक नहीं है।”
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब आधार-वोटर आईडी लिंकिंग को लेकर कुछ विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर जनसांख्यिकी डेटा के दुरुपयोग और नागरिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
इसके साथ ही सम्राट चौधरी ने पूर्णिया और किशनगंज जैसे सीमावर्ती इलाकों में हाल के दिनों में तेजी से बढ़े आवासीय प्रमाणपत्रों की संख्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “पिछले 8 दिनों में इन क्षेत्रों में आवासीय प्रमाणपत्रों की संख्या 10 गुना बढ़ गई है। अब सवाल उठता है कि इतने कम समय में इतने सारे लोग प्रमाणपत्र लेने कहां से आ गए?” उन्होंने आशंका जताई कि इसमें बाहरी तत्वों की भूमिका हो सकती है और कहा, “क्या ये लोग बांग्लादेशी हैं? इसकी गहराई से जांच की जाएगी। सरकार और निर्वाचन आयोग इस पर काम कर रहे हैं।”
