जनसंख्या स्थिरीकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में नई पहल की है। महिलाओं को सुरक्षित, सरल और असरदार अस्थायी गर्भनिरोधक साधन देने के लिए एमपीए सब-कुटेनियस इंजेक्शन की शुरुआत की जा रही है। इसे लेकर मंगलवार को सदर अस्पताल में प्रशिक्षण कार्यशाला हुई।

 

इसमें चिन्हित अस्पतालों के एमबीबीएस और आयुष चिकित्सकों को इस नए साधन की तकनीकी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को इंजेक्शन के सही उपयोग, लाभ, सुरक्षित तरीके और लाभार्थियों को परामर्श देने की प्रक्रिया से अवगत कराना था। कार्यक्रम का संचालन जिला स्वास्थ्य समिति और पीएसआई इंडिया ने मिलकर किया। पायलट चरण के लिए सदर अस्पताल, सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भूतही अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तिलगी और कोहवरवा स्वास्थ्य उपकेंद्र को चुना गया है। इन केंद्रों पर प्रशिक्षित चिकित्सा पदाधिकारी इच्छुक महिलाओं को यह सुविधा देंगे। मास्टर ट्रेनर डॉ. प्रेरणा ने बताया कि यह इंजेक्शन मांसपेशियों और त्वचा के बीच लगाया जाता है। इससे यह असरदार होता है और इसके साइड इफेक्ट भी बहुत कम होते हैं।