सुपौल कलेक्टर का स्वागत करने पहुंचे अफसर ने गजब कर दिया. उनकी हरकत देख डीएम साहब का गुस्सा फूट पड़ा और उसे हवालात पहुंचा दिया.
जिसमें बिहार सरकार के मंत्री बबलू और जिलाधिकारी सावन कुमार को बतौर चीफ गेस्ट बुलाया गया. उनके स्वागत के लिए मत्स्य पदाधिकारी शंभू कुमार भी पहुंचे. उन्होंने मंच पर बड़े प्यार से कलेक्टर समेत अन्य अतिथियों को गुलदस्ता देकर स्वागत किया. उसके बाद एक शिकायत मिलने पर डीएम ने मत्स्य पदाधिकारी से एक मामले में पूछताछ की, लेकिन वह ऐसी हरकतें करने लगे कि डीएम साहब को गुस्सा आ गया. तुंरत अफसर को हवालात पहुंचा दिया.
कलेक्टर को अफसर ने प्यार से दिया गुलदस्ता, हरकत देख डीएम को आया गुस्सा, फिर… नशे में धुत अफसर ने मंच पर अतिथियों को गुलदस्ता दिया. सुपौल जिले में मछुआरा दिवस कार्यक्रम के दौरान एक ऐसी घटना हुई, जिसने मंच पर मौजूद लोगों को हैरान कर दिया और पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया. कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री नीरज कुमार बबलू और सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार बतौर मुख्य अतिथि मंच पर मौजूद थे. शुरुआत बेहद सामान्य रही. दीप प्रज्वलन के बाद मंच पर जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभू कुमार ने खुद डीएम को गुलदस्ता देकर स्वागत किया. लेकिन चंद मिनट बाद ही स्थिति पूरी तरह बदल गई.
ब्रेथ एनालाइजर में हुई पुष्टि कार्यक्रम के दौरान एक मछुआरे ने डीएम से शिकायत की कि मत्स्य किट के वितरण में अवैध वसूली की जा रही है.
डीएम सावन कुमार ने तत्काल मंच से मत्स्य पदाधिकारी शंभू कुमार को बुलाकर जवाब-तलब किया. जब शंभू कुमार से सवाल पूछा गया तो उनकी लड़खड़ाती जुबान, अनियंत्रित हावभाव और शरीर की चाल से डीएम को संदेह हुआ कि वे नशे में हैं. डीएम ने बिना देरी किए कार्यक्रम समाप्त होते ही सर्किट हाउस लौटकर उत्पाद विभाग को इसकी सूचना दी.
विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ब्रेथ एनालाइजर से जांच की, जिसमें पुष्टि हुई कि शंभू कुमार ने शराब पी रखी थी. इसके बाद उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. डीएम के निर्देश पर उनका ब्लड और यूरीन सैंपल भी लिया गया है ताकि सबूत पुख्ता हो सके. पहले ही भी शराब के नशे में हो चुके हैं गिरफ्तार चौंकाने वाली बात यह है कि शंभू कुमार उसी दिन जिले से स्थानांतरित होने वाले थे. और यह भी सामने आया कि यह उनका पहला मामला नहीं है. वर्ष 2024 में भी उन्हें भीमनगर थाना क्षेत्र में शराब के नशे में गिरफ्तार किया गया था.
उस समय उन्होंने कोर्ट में फाइन भरकर मामला रफा-दफा करवा लिया था. अब एक बार फिर शराबबंदी वाले राज्य बिहार में पदाधिकारी के इस तरह शराब पीकर मंच पर पहुंचने से पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल उठ रहे हैं. मंत्री और डीएम की मौजूदगी में ऐसी हरकत ने सरकारी छवि को गहरी चोट दी है. फिलहाल शंभू कुमार को जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है. यह घटना साफ इशारा करती है कि शराबबंदी कानून के बावजूद कुछ अफसरों के लिए यह सिर्फ एक कागजी नियम बनकर रह गया है. अब देखना होगा कि शासन इस मामले में क्या सख्त कदम उठाता है.
