बिरौल विकास युवा मोर्चा ने मनाई 11वीं वर्षगांठ: समाज सेवा में अटूट समर्पण।

किसी भी संस्था को 11 वर्ष पूरे होना गर्व की बात हैं।कई संस्थाएं बनती हैं 2 चार साल में विखर जाती हैं।यह संस्था 11 लोगों से सुरु हुई हैं और आज 22 सो पर पहुंच गई हैं-सुजीत कुमार सिंह।

इस संस्था में इंजीनियर, डॉक्टर, शिक्षक, लिपिक, सभी तरह के मैम्बर जुड़े हुए हैं। सभी सदस्य अपना जीवकोपार्जन करते हुए सभी समाज के लिए काम करते हैं-संजीव झा।

दस्तक7मिडिया, बिरौल दरभंगा।

बिरौल विकास युवा मोर्चा ने हाल ही में अपनी 11वीं वर्षगांठ बड़े ही धूमधाम और पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मनाई। इस अवसर पर दीप प्रज्वलित कर संस्था के 11 वर्षों के सफल सफर का जश्न मनाया गया। बिरौल अनुमंडल में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली यह संस्था वर्ष 2018 में बिहार सरकार द्वारा “सोशल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट” के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुकी है।


स्थापना दिवस समारोह में सनातन संस्कृति के अनुरूप दीप प्रज्ज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चार का विशेष आयोजन किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आईआरएस अधिकारी सुजीत कुमार सिंह, नवनियुक्त महर्षि विधानसभा के चुनाव प्रभारी संजीव झा, और संस्था के संरक्षक अश्वनी झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया।

इस अवसर पर बोलते हुए, मुख्य अतिथि सुजीत कुमार सिंह ने किसी भी संस्था के लिए 11 वर्ष पूरे करने को गर्व की बात बताया। उन्होंने कहा कि कई संस्थाएँ बनती हैं और कुछ ही वर्षों में बिखर जाती हैं, लेकिन बिरौल विकास युवा मोर्चा ने अपनी निरंतरता बनाए रखी है। उन्होंने बताया कि यह संस्था केवल 11 लोगों से शुरू हुई थी और आज 2200 सदस्यों तक पहुँच गई है। उन्होंने सभी सदस्यों से राष्ट्र निर्माण और समाज निर्माण में अपना सहयोग जारी रखने का आह्वान किया और संस्था की कार्यशैली की सराहना करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

संजीव झा ने संस्था के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संस्था कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने इस बात पर विशेष खुशी जताई कि संस्था में इंजीनियर, डॉक्टर, शिक्षक, लिपिक जैसे विभिन्न क्षेत्रों के सदस्य जुड़े हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी सदस्य अपने-अपने जीवकोपार्जन के साथ-साथ समाज के लिए भी सक्रिय रूप से काम करते हैं, जो अपने आप में एक प्रेरणा है।
बिरौल विकास युवा मोर्चा का यह 11वां स्थापना दिवस उसके समर्पण और समाज सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह संस्था भविष्य में भी इसी प्रकार समाज के उत्थान के लिए कार्यरत रहेगी, ऐसी उम्मीद की जाती है।