अलीनगर के विधायक और उनके सहकर्मी को दादागिरी करना पड़ गया महंगा ,अदालत ने इस अपराध के लिये विधायक और सहकर्मी को दो वर्ष की सजा एवं एक -एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अलीनगर के विधायक और उनके सहकर्मी को दादागिरी करना पड़ गया महंगा ,अदालत ने इस अपराध के लिये विधायक और सहकर्मी को दो वर्ष की सजा एवं एक -एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अलीनगर के विधायक और उनके सहकर्मी को दादागिरी करना पड़ गया महंगा ,अदालत ने इस अपराध के लिये विधायक और सहकर्मी को दो वर्ष की सजा एवं एक -एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
दस्तक 7मीडिया दरभंगा/विधि संवाददाता,
दरभंगा जिला के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान भाजपा बिधायक मिश्रीलाल यादव और सुरेश यादव को 02 बर्ष का सश्रम कारावास और एक -एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। वहीं अर्थदंड नही जमा करने पर दोनों सजायाफ्ता को एक -एक माह का अतिरिक्त साधारण सजा भुगतनी पड़ेगी। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सह एमपी/एम एल ए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की कोर्ट ने एक आपराधिक मामले के सुचक उमेश मिश्र के अपील वाद सं.06/25 में दोषसिद्ध दोनो अभियुक्तों को सजा के बिन्दु पर गहन सुनवाई के बाद निर्णय सुनाया है। सजा के बिन्दु पर सुनवाई के दौरान वचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दोनो का प्रथम दोष होने की बाबत प्रोबेशन ऑफ अफेन्डर ऐक्ट की धारा 3/4 का लाभ देने तथा मुक्त करने की याचना की।जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया।
अभियोजन पक्ष का संचालन कर रहे स्पेशल एपीपी रेणू झा के मुताबिक 29 जनवरी 19 को सुबह के 6 बजे समैला निवासी उमेश मिश्र मॉर्निंग वाक के लिए घर से चले थे ।जब वह गोसाईटोल पहूंचे तो पुरब दिशा से आ रहे बिधायक मिश्रीलाल यादव,गोसाईटोल निवासी सुरेश यादव एव अन्य 20/25 लोग हड़वे हथियार से लैश होकर सुचक को घेरकर मारपीट किया।
मिश्री लाल यादव ने उनका सिर फोड़ दिया तथा सुरेश यादव ने लाठी रॉड से प्रहार कर उसके पॉकेट से 2300 रुपया निकाल लिया।इसकी प्राथमिकी उमेश मिश्र ने 30 जनवरी 19 को रैयाम थानाकांड सं. 04/19 संस्थित कराया।इस मामले में आरोप पत्र पश्चात दरभंगा के एमपी/एम एल ए कोर्ट में विचारण वाद सं.884/23 के तहत प्रारंभ हुआ।गत 21 फरवरी 25 को एमपी/एम एल ए कोर्ट के पीठासीन पदाधिकारी करुणानिधि प्रसाद आर्य की कोर्ट ने मामले की सुनवाई पुरी कर बिधायक समेत दोनो अभियुक्त को भादवि की धारा 323 में दोषी घोषित करते हुए दोनो को तीन माह का कारावास तथा 500 रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
निम्न अदालत के फैसला से आहत बिधायक समेत दोनो दोषियों ने अपीलवाद सं.03/25 संस्थित कराया। वहीं निम्न अदालत द्वारा दी गई सजा से असंतुष्ट सुचक उमेश मिश्र ने सजा बढ़ाने और भादवि की धारा 506 में भी सजा देने की मांग को लेकर अपीलवाद सं. 06/25 संस्थित कराकर न्याय की याचना किया। मंगलवार को अपीलीय विशेष न्यायाधीश श्री दिवाकर की कोर्ट ने दोनो अपीलवाद की एक साथ सुनवाई पुरी कर बिधायक द्वारा दाखिल अपीलवाद सं. 3/25 को अस्वीकृत करते हुए निम्न अदालत द्वारा पूर्व में दी गई सजा को सम्पुष्ट करते हुए दोनो को जेल भेज दिया।वहीं पीड़ित सुचक के अपीलवाद सं. 06/25 को आंशिक स्वीकृत करते हुए दोनो को भादवि की धारा 506 में दोषी घोषित कर दिया।वहीं दोषी घोषित नई धारा 506 भादवि में सजा अवधि का निर्धारण के बिन्दु पर सुनवाई पश्चात सजा की घोषणा की।
इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया में विधायक मिश्रीलाल यादव ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूर्ण आस्था है।वे इस फैसले के बिरुद्ध पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।