भारत-नेपाल सीमा पर सोमवार रात मधुबनी जिले के कमला बीओपी इलाके में 15 से 20 ड्रोन भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किए। जिसे सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने इसकी पुष्टि की है। ड्रोन उत्तर-पूर्व से भारतीय सीमा में घुसे। वे 40 मिनट तक क्षेत्र में मंडराते रहे। इसके बाद पश्चिम से उत्तर की ओर नेपाल की तरफ लौट गए। एसएसबी ने दरभंगा और दिल्ली एयरफोर्स स्टेशन को तुरंत सूचित कर दिया। दोनों केंद्रों पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। दरभंगा के पास स्थित कमला बीओपी पहले से संवेदनशील क्षेत्र है। नेपाल ने इन ड्रोन से जुड़े किसी भी अभ्यास से इनकार किया है।
खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यह घुसपैठ पाकिस्तान या अन्य विरोधी तत्वों की रेकी का हिस्सा हो सकती है।
किशनगंज में एसएसबी की 19वीं वाहिनी और स्थानीय पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। हर व्यक्ति और वाहन की हो रही जांच गलगलिया थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि बॉर्डर पर हर व्यक्ति और वाहन की जांच हो रही है। मेटल डिटेक्टर, डॉग स्क्वॉड और स्कैनिंग मशीनों से सामान की जांच की जा रही है। वाहनों को डिक्की और बोनट की तलाशी के बाद ही सीमा पार करने दिया जा रहा है। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद से सीमा पर सुरक्षा कड़ी है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने को कहा है।
सीमा पर सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी बढ़ाई गई है। एसएसबी के अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। कुछ देर उड़ान के बाद नेपाल लौटे सीमा सुरक्षा बल की 48वीं बटालियन के उप कमांडेंट विवेक ओझा ने बताया कि रात के समय आसमान में ड्रोन जैसी चमकती हुई वस्तुएं उड़ती देखी गईं। उन्होंने बताया कि ये उपकरण भारत की तरफ से उड़ान भरते हुए नेपाल की ओर लौट गए।
