कथा हमारे मन को निर्मल बनाकर भगवान के चरणों तक पहुंचाने का काम करती है-श्री चंदन जी महाराज।

दस्तक7मिडिया, बिरौल।

प्रखंड के दसौत में सोमवार को श्री मद्भागवत कथा के पंचम दिवस भगवान बाल कृष्ण लाल के बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए पुतना उद्धार की चर्चा जिसमें भगवान के औदार्य गुण का वर्णन किया गया, श्री कृष्ण ने अपने उदारता से पूतना जैसे राक्षसी को भी धात्र्योचित गति प्रदान किया, बाल चरित्रों के माध्यम से भगवान ने गोकुल की गोपियों के घर जाकर माखन चुराकर उन्हें आनंद प्रदान किया करते हैं, भगवत् शरणागति किए बिना जीव का संसार से मुक्ति पाना असम्भव है, किसी भी प्रकार से भगवान से हम जुड़े यही भागवत कथा श्रवण का मुख्य उद्देश्य है। कथा हमारे मन को निर्मल बनाकर भगवान के चरणों तक पहुंचाने का काम करती है, कथा के द्वारा जब हम भगवान के गुणों को सुनते हैं तो उनके प्रति जीव का आकर्षण होता है और जीव भगवान की ओर उन्मुख होकर भक्ति के द्वारा भगवत्प्राप्ति करने हेतु साधन करता है,आदर्श समाज की स्थापना भागवत कथा के बिना असंभव है।