पोषण ट्रैकर के चेहरा पहचान प्रणाली(FRS )में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान
पोषण ट्रैकर के चेहरा पहचान प्रणाली(FRS )में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान
पोषण ट्रैकर के चेहरा पहचान प्रणाली(FRS )में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा
जिला पदाधिकारी के द्वारा FRS बेहतर कार्य करने के लिए श्रीमती प्रभा रानी , बाल विकास परियोजना पदाधिकारी हायाघाट , श्रीमती रूमा कुमारी ,बाल विकास परियोजना पदाधिकारी बहादुरपुर , श्रीमती अर्चना कुमारी ,बाल विकास परियोजना पदाधिकारी जाले का बिहार में क्रमशः प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए सराहना की गई । “यह तकनीक और मानव प्रयासों का एक आदर्श समन्वय है, जो समाज के कमजोर वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद कर रहा है।”
पोषण ट्रैकर कार्यक्रम के अंतर्गत चेहरा पहचान प्रणाली (Facial Recognition System – FRS) के प्रभावी उपयोग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हायाघाट, बहादुरपुर और जाले प्रखंडों की महिला पर्यवेक्षिकाओं, प्रखंड समन्वयकों और कार्यपालक सहायकों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह जिला प्रोग्राम कार्यालय , दरभंग में आयोजित किया गया, जिसमें जिला प्रोग्राम पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से सेविकाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, परियोजना स्तर पर कार्यालय कर्मियों को जिला प्रोग्राम पदाधिकारी और जिला पदाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से सम्मानित किया गया।
चेहरा पहचान प्रणाली (FRS) का महत्व
पोषण ट्रैकर में FRS का उपयोग लाभार्थियों की पहचान को सुनिश्चित करने और टेक होम राशन वितरण में पारदर्शिता लाने में क्रांतिकारी साबित हो रहा है। यह तकनीक लाभार्थियों के डेटा को सटीक रूप से रिकॉर्ड करती है, जिससे डुप्लिकेशन और अनियमितताओं की संभावना समाप्त होती है। FRS के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि पोषण योजनाओं का लाभ सही लाभार्थी तक पहुंचे, जिससे योजनाओं की प्रभावशीलता में वृद्धि हुई है। यह प्रणाली न केवल समय की बचत करती है, बल्कि संसाधनों का दुरुपयोग रोककर सरकारी योजनाओं में विश्वास को और मजबूत करती है।
सम्मान समारोह की विशेषता
इस अवसर पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने कहा, “FRS के सफल कार्यान्वयन में इन कर्मियों की मेहनत और समर्पण सराहनीय है। उनकी निष्ठा ने न केवल पोषण ट्रैकर को प्रभावी बनाया, बल्कि लाभार्थियों के बीच पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा दिया।”
हायाघाट, बहादुरपुर और जाले प्रखंडों की सम्मानित महिला पर्यवेक्षिकाओं, प्रखंड समन्वयकों और कार्यपालक सहायकों ने इस सम्मान को अपनी जिम्मेदारी को और सशक्त करने का प्रेरणा स्रोत बताया। यह पहल न केवल उनके कार्य को मान्यता देती है, बल्कि अन्य कर्मियों को भी तकनीकी नवाचारों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है।यह जानकारी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने दी हें।