नौटंकी बाज राहुल गांधी और नौटंकी बाज कॉंग्रेस पार्टी ने हमेंशा बाबा साहब का किया अपमान।

दस्तक7मिडिया, दरभंगा।

नौटंकी बाज राहुल गांधी और नौटंकी बाज कॉंग्रेस पार्टी अब फिर एक बार अपनी पुरानी पद्धति को अपनाकर, सत्य को असत्य के कपड़े पहनाकर समाज में भ्रांति फैलाने का एक कुत्सित प्रयास कर रहे हैं! उक्त बातें भाजपा पूर्वी के जिलाध्यक्ष विनय कुमार पासवान ने कही। उन्होंने कहा कि जरा याद करिए बाबा साहेब अंबेडकर का कांग्रेस ने किस तरह से विरोध किया था। बाबा साहेब के न रहने के बाद भी किस प्रकार से कांग्रेस ने उन्हें हाशिये पर धकेलने का प्रयास किया,जब तक कांग्रेस सत्ता में रही बाबा साहेब अंबेडकर का कोई स्मारक नहीं बना। जहां-जहां विपक्ष की सरकारें आती गईं, स्मारक बनते गए।बीजेपी की सरकारों ने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने बाबा साहेब के जीवन से संबंधित पंचतीर्थ का विकास किया, मध्य प्रदेश में महू, लंदन में बाब साहेब के स्मारक, नागपुर में दीक्षाभूमि, दिल्ली में राष्ट्रीय स्मारक और महाराष्ट्र के मुंबई में चैत्यभूमि का विकास करने का काम बीजेपी की सरकारों ने किया।
जहां तक भारत रत्न देने का सवाल है, कांग्रेस के नेताओं ने कई बार खुद ही अपने आप को भारत रत्न दिए हैं। 1955 में नेहरू जी ने खुद को भारत रत्न दे दिया,1971 में इंदिरा जी ने खुद को भारत रत्न दे दिया, लेकिन बाबा साहेब को भारत रत्न 1990 में तब मिला जब कांग्रेस सत्ता में नहीं थी और बीजेपी के समर्थन वाली सरकार थी। 1990 तक कांग्रेस बाबा साहेब को भारत रत्न न मिले, इसके लिए प्रयास करती रही. यहां तक कि बाबा साहेब की 100वीं जयंती को मनाने की मनाही कर दी गई।कांग्रेस ने नेहरू, इंदिरा और संजय के नाम पर सैकड़ों सड़कों, अस्पतालों का नाम रखा। वही कांग्रेस राहुल गांधी बाबा साहेब के नाम पर दलितों के नाम पर हॉस्टल जाकर नोटकी पाखंड कर रही है,राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।अब जनता कांग्रेस को जान गई है। जनता एक ही तरह के झूठ और भ्रम पर अब भरोसा नहीं करेगी। भाजपा मोदी सरकार हमेशा अंबडेकर जी के काम को आगे बढ़ाया है। आरक्षण को आगे बढ़ाने का काम किया है। बाबा साहब डॉ भीम राव अंबेडकर जी के अधूरे सपनों को साकार कर रही है। समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को सामजिक न्याय,स्वास्थ्य, शिक्षा विकास उनके हित कल्याण के लिए मजबूती से लगातार काम कर रही है! भाजपा के द्वारा दिये जा रहे दलितों को सम्मान के डर से भयभीत होकर नाटक कर रही है।