महात्मा गांधी शिक्षण संस्थान में मातृ दिवस पर भव्य कार्यक्रम आयोजित ,राज्यसभा सांसद ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ।
ममता की मूरत के साथ -साथ अपने बच्चों के प्रति बड़ी जवाबदेही निभाती हें मां :प्राचार्य
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
महात्मा गांँधी शिक्षण संस्थान की दोनों शाखाओं में मातृ दिवस के अवसर पर रविवार को भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गाँधी विहार शाखा में कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ धर्मशीला गुप्ता (सांसद ) राज्य सभा और प्राचार्या श्रावणी शिखा के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। बच्चों के द्वारा स्वागत गान की प्रस्तुति की गई । प्राचार्या द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत मिथिला परंपरा अनुसार पाग, अंगवस्त्र, पौधा एवं मोमेंटो प्रदान किया गया।
अपने स्वागत उद्बोधन में प्राचार्या ने माताओं को ममता की मूरत के साथ साथ कुशल प्रशासक बनने के लिए कहा। बच्चों को मांँ के प्रति उत्तरदायित्व निर्वहन के लिए प्रेरित किया।
बतौर मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद डॉ धर्मशीला गुप्ता ने अपने उद्बोधन में माता जानकी की भूमि मिथिला खासकर दरभंगा को अपनी जन्म, शिक्षा और निरंतर आगे बढ़ने के लिए आभार प्रकट किया। एक मांँ होने के नाते बच्चों पर मोबाइल के कुप्रभाव से अवगत कराते हुए उनके उपयोग पर बढ़ावा नहीं देने की सलाह दी। साथ ही जीवन में सारे घरेलू कार्यों को पूरा करते हुए बच्चों को कैसे शिक्षित किया जा सकता है एवं संस्कारी बनाया जा सकता है पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ साथ उपस्थित माताओं को लड़का हो या लड़की, खासकर लड़कियों की शिक्षा पर अधिक ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका पलक मिश्रा एवं धन्यवाद ज्ञापन सी सी ए प्रभारी अक़बा ने किया। संगीत शिक्षक दीपक कुमार झा और ओम प्रकाश सहनी के नेतृत्व में विद्यार्थियों के द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
वहीं वाजितपुर शाखा में स्वागत गीत के उपरांत मुख्य अतिथि डॉ निधि वत्स , सहायक प्राध्यापक, शिक्षा विभाग, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा एवं प्रशासक अजय झा के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि का स्वागत विद्यालय की समन्वयक सीमा कुमारी के द्वारा पाग, अंगवस्त्र एवं मोमेंटो प्रदान कर किया गया।
प्रशासक अजय झा ने अपने स्वागत उद्बोधन में मां की ममता एवं दायित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि डॉ निधि वत्स ने अपने संबोधन में माता के व्यक्तित्व का उदाहरण देवी के तीनों ही रूपों अर्थात सरस्वती, लक्ष्मी और दुर्गा के रूप में दी। उपस्थित सभी माताओं से अपने बच्चे की देखभाल संबंधित वार्त्तालाप भी की। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास में माताओं की भूमिका की चर्चा करते कहा कि माता हमेशा से क्षमा, दया, करुणा, प्रेम, सहनशीलता, वात्सल्य, साहस और धैर्य की विद्यमान प्रतिमूर्ति होती हैं।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कविता पाठ, संगीत, नृत्य एवं विभिन्न प्रकार के खेल से आगत अतिथियों का मन मोह लिया।
भावुक क्षण को याद करते हुए माताओं की करुणा छलक पड़ी।
विद्यालय के शिक्षक नवीन कुमार चौधरी द्वारा मैथिली एवं बिनोद कुमार झा द्वारा हिंदी में माता की महत्ता पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में आए हुए कई माताओं ने भी अपने अपने विचारों को प्रकट किया।
