केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने 20 मई को देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने का किया आह्वान
केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने 20 मई को देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने का किया आह्वान
केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने 20 मई को देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने का किया आह्वान
दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /
केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं स्वतंत्र फेडरेशनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 20 मई को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए दरभंगा जिला स्तरीय कन्वेंशन कर्मचारी महासंघ कार्यालय परिसर लहेरियासराय में संपन्न हुआ। कन्वेंशन की अध्यक्षता सीटू के राज्य कमेटी सदस्य दिनेश झा,आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ की जया झा एवं बीएसएसआर यूनियन के जिला इकाई के अध्यक्ष नीतेश कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया।कन्वेंशन में केंद्रीय श्रमिक संगठन सीटू ,एकटू,एटक सहित पोस्टल,आंगनवाड़ी,आश,डीएमसीएच सफाई कर्मचारी संघ,डीएमसीएच सुरक्षा कर्मचारी यूनियन,मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन,मिड डे मील वर्कर यूनियन,संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के स्कीम वर्करों का संगठन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कर्मचारी नेता फूल कुमार झा ने कन्वेंशन में उपस्थित श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों को श्रमिक विरोधी एवं कारपोरेट परस्त बताते हुए देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया। केंद्रीय श्रमिक संगठन सीटू के बिहार राज्य कमेटी सदस्य एवं अखिल भारतीय संगठन एफ एम आर ए आई के राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य सत्य प्रकाश चौधरी ने कहा कि केंद्रीय सरकार ने श्रमिक कानून सुधार के नाम पर 29 मौजूद श्रम कानून को निरस्त कर उन्हें चार श्रम संहिताओं ने में समाहित कर दिया है जो कि उनके सरकार के नव उदारवादी एजेंडे का हिस्सा है,इनका उद्देश्य कामगार वर्ग के कठिन परिश्रम से प्राप्त बुनियादी अधिकारों को कम करना है जो उनके काम करने की स्थितियां,जैसे काम के घंटे,न्यूनतम मजदूरी,सामाजिक सुरक्षा और सबसे महत्वपूर्ण रूप से उनके संगठन और सामूहिक कार्रवाई के अधिकार से संबंधित है जिसमें हड़ताल करने का अधिकार भी शामिल है इन तमाम अधिकारों से वंचित रखने के लिए चारों लेबर कोड लाकर मजदूर एवं श्रमिकों को बड़े-बड़े कॉर्पोरेट द्वारा बेलगाम शोषण करने की खुली छूट एवं श्रम विभाग में शिकायत करने पर सामूहिक कार्रवाई करने के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत संगठित अपराध के रूप में व्याख्यायित किया जा रहा है साथ ही श्रमिक संगठनों के नेताओं को गैर जमानती धाराओं में कैद की सजा का प्रावधान किया गया है,उन्होंने कहा कि इस बार का यह देशव्यापी हड़ताल मजदूर वर्गों के लिए करो या मरो का हड़ताल है ।चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने की मांग को लेकर मजदूर वर्ग का एकजुट संघर्ष श्रमिक संगठनों का मौजूदा सुरक्षा को बरकरार रखना है उन्होंने केंद्रीय सरकार से श्रमिक विरोधी मजदूर विरोधी एवं जन विरोधी चारों लेबर कोड को रद्द करते हुए न्यूनतम मजदूरी 26000 रुपए प्रतिमाह ,सभी कामगारों के लिए न्यूनतम पेंशन ₹9000 प्रतिमाह एवं पुराने पेंशन स्कीम को लागू करने का मांग किया । जिला स्तरीय श्रमिक संगठनों के कन्वेंशन को एकटू के जिला सचिव उमेश शाह,ग्रामीण डाक सेवक संघ के प्रमंडलीय मंत्री राजकिशोर सहनी,कर्मचारी नेता फकीरा पासवान,ईशा खान,चिकित्सा कर्मचारी संघ की नेत्री प्रियंका कुमारी,मजदूर नेता सुरेंद्र दयाल सुमन,आशा संघ की जिलानेत्री संयोगिता चौधरी,डीएमसीएच सफाईकर्मचारी की नेत्री तबस्सुम,भूमि सुधार कर्मचारी संघ के नेता राजेंद्र राम,किसान नेता नारायण जी झा,कर्मचारी महासंघ की अध्यक्ष शांति देवी एवं बीएसएसआर यूनियन के राज्य कमेटी सदस्य अविनाश गौतम ने संबोधित किया ।इस कन्वेंशन के अवसर पर दो सौ से ऊपर की संख्या में श्रमिक संगठनों एवं उससे संबद्ध यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर देशव्यापी आम हड़ताल को पूरी एकजुटता के साथ सफल बनाने का आह्वान किया। n
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