बिरौल में प्रसूताओं को अब डीएमसीएच रेफर करने की आवश्यकता नहीं, सीएससी में ही शुरू हुई सिजेरियन प्रसव की सुविधा।
बिरौल में प्रसूताओं को अब डीएमसीएच रेफर करने की आवश्यकता नहीं, सीएससी में ही शुरू हुई सिजेरियन प्रसव की सुविधा।
बिरौल में प्रसूताओं को अब डीएमसीएच रेफर करने की आवश्यकता नहीं, सीएससी में ही शुरू हुई सिजेरियन प्रसव की सुविधा।
दस्तक7मिडिया, बिरौल दरभंगा।
बिरौल प्रखंड के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब यहाँ की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दरभंगा डीएमसीएच रेफर नहीं किया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरौल में ही सिजेरियन (ऑपरेशन द्वारा) प्रसव कराने की व्यवस्था शुरू हो गई है। इस पहल से क्षेत्र की महिलाओं को प्रसव के दौरान होने वाली असुविधा और आर्थिक बोझ से मुक्ति मिलेगी।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. भगवान दास ने इस महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए बिरौल सीएससी में सेवाओं का विस्तार किया गया है। अब यहाँ सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो गई है, जिससे गंभीर स्थिति वाली गर्भवती महिलाओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। यहां बता दें कि इस नई व्यवस्था के पहले ही दिन सफलता मिली जब बिरौल गांव के चंदन कुमार सिंह की पत्नी काजल कुमारी ने सफलतापूर्वक सिजेरियन प्रसव के जरिए अपनी तीसरी बच्ची को जन्म दिया। इस सफल ऑपरेशन में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा झा, डॉ. सुमेधा सिंह, मूर्छक डॉ. कुमार देवाशीष, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरेश कुमार साहू और स्वयं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. भगवान दास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस सफलता से चिकित्सकों में काफी उत्साह और खुशी का माहौल है। उनका मानना है कि सीएससी स्तर पर सिजेरियन प्रसव की सुविधा शुरू होने से न केवल समय की बचत होगी बल्कि गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। पहले जटिल मामलों में महिलाओं को डीएमसीएच रेफर किया जाता था, जिससे उन्हें और उनके परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब बिरौल सीएससी में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।