बिरौल थाना क्षेत्र के पोखराम गांव में ऑर्केस्ट्रा का आयोजन और वापस लौट रही महिला कलाकार के साथ अशोभनीय व्यवहार ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं।

दस्तक7मिडिया, दरभंगा।

बिरौल थाना क्षेत्र के पोखराम गांव में ऑर्केस्ट्रा का आयोजन के बाद वापस लौट रही महिला कलाकार के साथ हुई अशोभनीय बारदात ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

सूत्रों के अनुसार, बिरौल के पोखराम गांव में किसी निजी कार्यक्रम के दौरान ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था।। सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद महिला कलाकार के साथ अशोभनीय व्यवहार को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके आदेश पर गांव में ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था? क्या इसके लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति ली गई थी? दूसरा महत्वपूर्ण सवाल यह है कि गांव के चौकीदार ने इस आयोजन की सूचना स्थानीय थानाध्यक्ष को दी थी या नहीं? यदि दी थी, तो पुलिस ने कार्यक्रम को रोकने या सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए? और यदि नहीं दी थी, तो इसके पीछे क्या कारण थे? पुलिस गश्ती दल के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने और फिर वापस लौट जाने की घटना भी संदेह पैदा करती है। क्या पुलिसकर्मियों ने स्थिति को सामान्य समझा या फिर किसी अन्य कारण से वे बिना कोई कार्रवाई किए लौट गए?
यह घटना स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि ऑर्केस्ट्रा के आयोजन में नियमों का पालन किया गया था या नहीं, साथ ही, पुलिस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए कि गश्ती दल मौके पर पहुंचने के बाद क्यों लौट गया और क्या इस मामले में कोई लापरवाही बरती गई है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। थानाध्यक्ष विशाल कुमार सिंह ने बताया कि इस घटना की जानकारी पुलिस को नहीं है और न ही इस मामले को लेकर किसी ने आवेदन भी नहीं दिया है।यहां बता दें कि आर्केस्ट्रा प्रोग्राम कर लौट रही टीम के टेम्पो को पोखराम गांव से आगे मनचले कई लड़कों ने रोका ,और लड़कियों के साथ छेड़खानी करने लगा _इस दौरान एक नर्तकी ने चाकू लेकर चलाया जिससे कई मनचले की घायल होने की खबर हें।मनचले ने भी उक्त नर्तकी को बाल पकड़कर घसीटा और जबरदस्त पिटाई कर दी हें।तीन चार युवकों का इलाज अलग अलग अस्पताल में हो रहा हें।डीएमसीएच या अन्य अस्पताल में भर्ती हुये युवकों का फ़र्द्ब्यान खबर लिखे जाने तक स्थानीय पुलिस ने नहीं लिया हें ताकि प्राथमिकी दर्ज की जा सके।