करनाल जिले के नीलोखेड़ी में तीसरी मंजिल से गिरकर एक राजमिस्त्री की मौत हो गई। राजमिस्त्री एक प्राइवेट स्कूल की बिल्डिंग बनाने का काम कर रहा था। स्कूल मालिक और ठेकेदार ने निर्माण के दौरान सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नहीं किए थे।

आसपास के लोगों ने ही राजमिस्त्री को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

35 साल का मेहर सिंह कर रहा था बिल्डिंग में काम

मृतक की पहचान 35 वर्षीय मेहर सिंह के रूप में हुई है। वह राजमिस्त्री था और सिद्धपुर के पास स्थित आईस्टन स्कूल की बिल्डिंग में काम कर रहा था। गुरुवार को जब वह तीसरी मंजिल पर पैड बांधने का काम कर रहा था, तभी अचानक वहां की दीवार भरभरा कर टूट गई और वह सीधे नीचे आ गिरा। मेहर सिंह के भाई इंद्र सिंह और ईश्वर ने बताया कि निर्माण स्थल पर किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। स्कूल प्रबंधन और ठेकेदार की लापरवाही के चलते हादसा हुआ है।

पोस्टमॉर्टम हाउस में मौजूद मृतक के परिजन।
स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल

घटना होते ही आस-पास के लोग दौड़े और तुरंत मेहर सिंह को नीलोखेड़ी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर्स ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों को अस्पताल से कॉल आई थी कि मेहर सिंह को चोट लगी है, आधार कार्ड लेकर पहुंचिए, लेकिन जब वे पहुंचे तो उन्हें मौत की खबर मिली।

परिवार में अकेला कमाने वाला था

मेहर सिंह अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़ गया है। उसके दो बेटे और दो बेटियां हैं। परिजन फूट-फूटकर रो रहे हैं। परिवार का इकलौता सहारा अब नहीं रहा। भाई इंद्र सिंह ने कहा कि सरकार और प्रशासन से मांग है कि परिवार को उचित मुआवजा मिले और जिनकी लापरवाही से यह मौत हुई, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

मामले की जानकारी देता मृतक का भाई।
शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंपा गया

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेजा गया। आज दोपहर को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और लापरवाह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।