जिस प्रकार धार्मिक ग्रंथ गीता, रामायण और कुरान हमें धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं, उसी प्रकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान देश को चलाने का मार्ग प्रशस्त करता है–मंत्री जनक चमार।
दस्तक7मिडिया, अलीनगर, दरभंगा।
अलीनगर अंतर्गत महथौर पंचायत के पुतई बड़ा चौक पर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री जनक चमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मंत्री जनक चमार ने अपने संबोधन में कहा कि जिस प्रकार धार्मिक ग्रंथ गीता, रामायण और कुरान हमें धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं, उसी प्रकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान देश को चलाने का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि अंबेडकर जी ने जिस समाज के लिए कानून बनाए, उस समाज के कई लोग आज भी पेट भरने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1949 को बने इस संविधान से पहले देश में वोट देने, अच्छे कपड़े पहनने, अच्छे घर में रहने और अच्छा भोजन करने का अधिकार नहीं था। डॉ. भीमराव अंबेडकर एक अद्वितीय व्यक्तित्व थे, जिन्होंने भारतीय समाज को नई दिशा दी।
