सासाराम फायरिंग केस में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति का कड़ा रुख ,एक सप्ताह के भीतर डीएसपी और उसके बॉडीगार्ड को करे गिरफ्तार ,न्यायमूर्ति ने डीजीपी को दिया निर्देश।
सासाराम फायरिंग केस में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति का कड़ा रुख ,एक सप्ताह के भीतर डीएसपी और उसके बॉडीगार्ड को करे गिरफ्तार ,न्यायमूर्ति ने डीजीपी को दिया निर्देश।
सासाराम फायरिंग केस में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति का कड़ा रुख ,एक सप्ताह के भीतर डीएसपी और उसके बॉडीगार्ड को करे गिरफ्तार ,न्यायमूर्ति ने डीजीपी को दिया निर्देश।
दस्तक 7मीडिया /पटना
सासाराम फायरिंग केस में डीएसपी आदिल बिलाल और बॉडीगार्ड चंद्रमौली नागिया की गिरफ्तारी एक हफ्ते की भीतर हो सकती हें। पटना उच्च न्यायालय ने इस बाबत डीजीपी को निर्देश दिया हें। पटना उच्च न्यायालय ने कड़े रुख अपनाते हुये कहा हें कि क्या कानून से ऊपर हें डीएसपी ?कानून सिर्फ आम आदमी के लिये हें। न्यायमूर्ति संदीप कुमार की अदालत ने यह फैसला लेते हुये कारवाई को सुनिश्चित कराने के लिये डीजीपी को एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तारी का निर्देश दिया हें।
दरअसल इस मामले में पुलिस की लापरवाही और जांच में कोताही बरतने को लेकर न्यायालय ने नाराजगी जाहिर की हें।
दरअसल 27दिसंबर 24की रात सासाराम के शहरी क्षेत्र में जन्मदिन के पार्टी के दौरान डीएसपी और उसके बॉडीगार्ड ने कथित रूप से फायरिंग कर दिया था जिसमें चार लोंगों को गोली लगी थी ,एक की मौत घटना स्थल पर हो गई थी। कई महीना बीतने के बाद भी इस मामले में गिरफ्तारी नहीं होने से लोग आक्रोशित हो गये।
राहुल रंजन ने इस मामले में कोर्ट में याचिका दायर किया था जिसमें कहा गया कि पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिये पुलिस विभाग भरसक प्रयास कर रही हें।
कहा तों यह भी गया कि यही कारण रहा कि कांड के आरोपी को बचाने के लिये यह मामला सीआईडी को सौंप दिया गया।
उच्च न्यायालय में बहस के दौरान बिन्दुवार बहस की गई ,कोर्ट ने कहा कि अगर एक सप्ताह में गिरफ्तारी नहीं हुई तों इसके जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कारवाई की जायगी। इसी फैसले को लेकर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकलपीठ ने यह निर्देश डीजीपी को देते हुये कहा हें कि एक सप्ताह के भीतर डीएसपी और बॉडीगार्ड की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाय। इस मामले की अगली सुनवाई 5मई 25को सुनिश्चित की गई हें।
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