बिरौल मद्य निषेध-उत्पाद थाना की स्थापना के बाद भी फलफुल रहा है अवैध शराब का कारोबार।
बिरौल मद्य निषेध-उत्पाद थाना की स्थापना के बाद भी फलफुल रहा है अवैध शराब का कारोबार।
बिरौल मद्य निषेध-उत्पाद थाना की स्थापना के बाद भी फलफुल रहा है अवैध शराब का कारोबार।
दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
दरभंगा जिला के बिरौल अनुमंडल क्षेत्र में शराब के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए मद्य निषेध-
उत्पाद विभाग द्वारा स्थापित थाना सरकार के उद्देश्य के विपरीत काम करता दिख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस थाने की स्थापना के बाद क्षेत्र में देशी और विदेशी शराब की बिक्री कम होने की बजाय और बढ़ गई है।
सरकार ने इस क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को रोकने के लिए बिरौल में उत्पाद थाना की स्थापना की थी। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों का कहना है कि मद्य निषेध थाना की मौजूदगी के बावजूद शराब तस्करों का हौसला बुलंद है और वे खुलेआम अपना धंधा चला रहे हैं।नाम न छापने की शर्त पर कई ग्रामीणों ने बताया कि उत्पाद थाना के कर्मचारी नियमित रूप से क्षेत्र में गश्त करते हैं बावजूद शराब तस्कर सक्रिय हैं। कुछ लोगों ने तो यह भी आरोप लगाया कि थाने के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से ही यह अवैध कारोबार फलफूल रहा है। इस संबंध में जब बिरौल के मद्य निषेध थाना के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कोई आधिकारिक का बयान नहीं मिल सका। हालांकि, स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पुलिस समय-समय पर छापेमारी करती है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रही है।
यह स्थिति बिहार में पूर्ण शराबबंदी के प्रयासों पर भी सवाल उठाती है। सरकार एक तरफ शराबबंदी को सख्ती से लागू करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था की पोल खोलती हैं।क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने और प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस देखती रही और पेशाब करने के बहाने बंदी चकमा देकर हो गया फरार।डीएमसीएच के मेडिसिन वार्ड के आईसीयू में भर्ती था बंदी ,चल रहा था इलाज।बाथरूम का पहले खिड़की तोड़ा और ………..?
बिरौल पुलिस की बड़ी कार्रवाई,अलग-अलग मामलों में दो फरार आरोपी धराया , भेजा गया जेल।